Sonam Wangchuk Ready to End Hunger Strike: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने अनिश्चितकालीन अनशन को समाप्त करने के लिए एक शर्त रखी है। उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो के अनुसार, यदि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर यह भरोसा दिलाते हैं कि संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा, तो वांगचुक अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हो सकते हैं। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती हैं और वहीं से अपना अनशन जारी रखे हुए हैं।
राजनीतिक दलों से संसद में मुद्दा उठाने की अपील
जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि सोनम वांगचुक चाहते हैं कि शिक्षा से जुड़े सवाल संसद में गंभीरता से उठाए जाएं। उन्होंने बताया कि यदि नेताओं की ओर से इस संबंध में स्पष्ट आश्वासन मिलता है, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
शांतिपूर्ण मार्च का दिया संदेश
गीतांजलि ने बताया कि वांगचुक ने सोमवार को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होने वाले सभी समर्थकों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या गलत उद्देश्य के लिए इसका इस्तेमाल न होने दिया जाए। आंदोलन से जुड़े लोगों से संयम बनाए रखने का भी आग्रह किया गया है।
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स्वास्थ्य स्थिति स्थिर, अनशन जारी
गीतांजलि आंग्मो के अनुसार, सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल में स्थानांतरण की मांग को लेकर कानूनी प्रयास किए गए, लेकिन राहत नहीं मिल सकी। उनका कहना है कि वांगचुक अस्पताल में भी अपना अनशन जारी रखे हुए हैं और उन्होंने ड्रिप या अन्य माध्यम से पोषण लेने से इनकार किया है।
मार्च से पहले बढ़ी गतिविधियां
आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों का दावा है कि प्रस्तावित संसद मार्च से पहले बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर और उसके आसपास एकत्र हो चुके हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा संबंधी मुद्दों पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजर संसद के मानसून सत्र और इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।