दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी बिगड़ती सेहत के बीच पुलिस अस्पताल ले गई। दिल्ली पुलिस का कहना है कि हाई कोर्ट के निर्देशों और मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर यह कदम उठाया गया। पुलिस के अनुसार, स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना आवश्यक था।
केजरीवाल ने सरकार को घेरा
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकार को बल प्रयोग करने के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए था। उन्होंने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी।
#WATCH | Delhi: Visuals from outside Safdarjung Hospital, where activist Sonam Wangchuk has been admitted. He is conscious, and his vitals are stable.
— ANI (@ANI) July 18, 2026
Activist Sonam Wangchuk, who had been on a hunger strike at Jantar Mantar, was removed from the protest site by the Delhi Police… pic.twitter.com/ZpfvnhuEvq
चंद्रशेखर आजाद ने भी जताई आपत्ति
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ हुए व्यवहार पर चिंता जताई और सोनम वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
इसी बीच आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि वह भूख हड़ताल आगे जारी रखेंगे। वहीं सोनम वांगचुक की पत्नी भी सफदरजंग अस्पताल पहुंचीं। आंदोलन से जुड़े लोग अपनी मांगों पर सरकार से बातचीत की मांग दोहराते रहे।
सरकार की ओर से क्या कहा गया?
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल स्वास्थ्य संबंधी कारणों से की गई। पुलिस का कहना है कि अदालत के निर्देशों और चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हुए सोनम वांगचुक को अस्पताल पहुंचाया गया, ताकि उनका इलाज समय पर हो सके।
मामला बना राजनीतिक बहस का विषय
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस अपने फैसले को स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से जरूरी बता रही है। फिलहाल पूरे मामले पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है।