गुवाहाटी टेस्ट में साउथ अफ्रीका ने जिस तरह की बल्लेबाज़ी दिखाई, उसने टीम इंडिया के लिए मुश्किलों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। पहली पारी में 489 रन बनाने के बाद अफ्रीकी बल्लेबाज़ों ने दूसरी पारी में भी शानदार प्रदर्शन किया और भारतीय गेंदबाजों को बेबस कर दिया। नतीजा यह रहा कि साउथ अफ्रीका ने मैच में 548 रनों की रिकॉर्ड बढ़त बना ली और भारत के सामने 549 रनों का लक्ष्य रखा। यह बढ़त टेस्ट क्रिकेट में भारत के खिलाफ सिर्फ पांचवीं बार देखने को मिली है जब किसी टीम ने दूसरी पारी में 500 से ज्यादा रन की लीड बनाई हो।
21 साल बाद भारत में टूटा रिकॉर्ड
भारत में यह बेहद कम होता है कि कोई टीम भारतीय टीम को इतनी बड़ी दूसरी पारी की बढ़त दे सके। आखिरी बार ऐसा 2004 में नागपुर टेस्ट में हुआ था, जब ऑस्ट्रेलिया ने भारत पर 542 रनों की बढ़त बनाई थी। उससे पहले 2006 में पाकिस्तान ने कराची टेस्ट में भारत के खिलाफ 500+ की बढ़त हासिल की थी। साउथ अफ्रीका की इस पारी ने इन 20 साल पुराने आंकड़ों को फिर से जगा दिया है। अफ्रीकी बल्लेबाजों ने भारत की गेंदबाजी पर लगातार हमला किया और किसी भी समय भारत को वापसी करने का मौका नहीं दिया।
इतिहास टीम इंडिया के खिलाफ
अब बात करते हैं भारत की चुनौती की। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ा सफल रन चेज 418 रन का है, जो वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था। भारतीय टीम का सबसे बड़ा सफल रन चेज सिर्फ 387 रन है, जो उसने 2008 में चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ हासिल किया था। ऐसे में 549 रनों का लक्ष्य इतिहास के लिहाज से भी लगभग असंभव माना जा रहा है। चौथी पारी में ऊबड़-खाबड़ पिच पर इतने रन बनाना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता।
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एशिया में भी कभी नहीं हुआ इतना बड़ा चेज
एशिया में भी कोई टीम अब तक 400 से ज्यादा का लक्ष्य चेज नहीं कर सकी है। 2021 में चटगांव में वेस्टइंडीज ने बांग्लादेश के खिलाफ 395 रन का सफल चेज किया था, जो एशिया का सबसे बड़ा रन चेज माना जाता है। ऐसे में भारत के लिए 549 रन का पीछा करना आंकड़ों के हिसाब से नामुमकिन जैसा है। टीम इंडिया को अगर यह मैच जीतना है तो उसे क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा चमत्कार करना होगा।