New Delhi : दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने 6 नवंबर को एक महिला और उसके 5 वर्षीय बच्चे की जान बचाने में अपने अद्वितीय साहस का प्रदर्शन किया. इस घटना ने पुलिस की तत्परता और साहस को उजागर किया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई.
दक्षिण पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ हेमंत तिवारी ने बताया कि यह घटना उस समय की है, जब शाम लगभग 5:37 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को एक Mercedes-Benz (रजिस्ट्रेशन नंबर MH 14GA8228) कार में आग लगने की सूचना मिली। कार तारा अपार्टमेंट क्रॉसिंग के पास रेड लाइट पर खड़ी थी। पुलिस को मिली सूचना के बाद, थाना गोविंदपुरी की ERV और बीट स्टाफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची.
टीम की अगुवाई एएसआई रतनलाल मीणा ने की, जिनके साथ कांस्टेबल राहुल और ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। उन्होंने साहस का परिचय देते हुए, कार में फंसी महिला (38 वर्षीय, कालकाजी एक्सटेंशन, पॉकेट 8 की निवासी) और उसके 5 साल के बच्चे को तुरंत कार से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. आग की लपटें तेजी से फैल रही थीं, लेकिन पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए दिल्ली जल बोर्ड से पानी की टंकी मंगवाई और पूरी तरह से आग को बुझा दिया, जिससे अन्य वाहनों को भी खतरे से बचाया गया. महिला ने दिल्ली पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उनकी और उनके बच्चे की जान बचाई.
इस साहसी और तत्पर कार्रवाई के लिए एएसआई रतनलाल मीणा, कांस्टेबल राहुल और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की सराहना की गई है. उनकी बहादुरी, सूझबूझ और टीमवर्क ने यह साबित किया कि पुलिस अपने कर्तव्यों को निभाने में हमेशा तैयार रहती है, चाहे स्थिति कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हो.