SOUTHERN STATES MEET--दक्षिण क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में देश के दक्षिणी राज्यों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंतरराज्यीय जल विवादों को बातचीत और संयुक्त बैठकों के जरिए जल्द सुलझाने की अपील की, जिसका दक्षिणी राज्यों ने समर्थन किया। वहीं लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर राज्यों ने अपनी चिंता सामने रखी। कर्नाटक और तमिलनाडु ने मौजूदा 543 लोकसभा सीटों को अगले 25 वर्षों तक बनाए रखने की मांग रखी।
जल विवादों को बातचीत से सुलझाने पर जोर
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्यों के हितों की रक्षा करना स्वाभाविक है, लेकिन अगर किसी विवाद के चलते वर्षों तक पानी का इस्तेमाल न हो और वही पानी समुद्र में बह जाए, तो इसका फायदा किसी को नहीं मिलता। उन्होंने अंतरराज्यीय जल विवादों को बातचीत और संयुक्त बैठकों के जरिए जल्द खत्म करने पर जोर दिया। शाह ने नदियों के बेहतर प्रबंधन और राज्यों के बीच सहयोग को भी जरूरी बताया।
ब्रह्मपुत्र से कावेरी तक नदियों को जोड़ने का सुझाव
अमित शाह ने ब्रह्मपुत्र से कावेरी और गोदावरी तक प्रमुख नदियों को जोड़ने की दिशा में काम करने की बात कही। उनके मुताबिक इससे देश को लंबे समय तक पानी की कमी से बचाने में मदद मिल सकती है और कई जलमार्गों का विकास भी संभव होगा। उन्होंने उत्तर भारत में लंबे समय से चले आ रहे नदी जल विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि बातचीत के जरिए ऐसे विवादों का समाधान निकाला जा सकता है।
परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों की चिंता
बैठक में लोकसभा सीटों के परिसीमन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। दक्षिणी राज्यों की चिंता है कि जनसंख्या के आधार पर सीटों के पुनर्वितरण से उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। कर्नाटक और तमिलनाडु ने लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या को अगले 25 वर्षों तक बनाए रखने की मांग की। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 1971 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाए रखने की मांग भी रखी। साथ ही महिलाओं के लिए आरक्षण को मौजूदा लोकसभा सीटों के भीतर लागू करने का सुझाव दिया गया।
मेकेदातु बांध और कावेरी पर क्या हुआ?
मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तमिलनाडु और पुडुचेरी के हितों की रक्षा का भरोसा दिया। हालांकि बैठक में कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच चल रहे कावेरी जल बंटवारे के विवाद पर चर्चा नहीं हुई। तमिलनाडु के मंत्री ने स्पष्ट किया कि कावेरी नदी जल विवाद या कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण से जुड़े मामलों को बैठक में नहीं उठाया गया।
बुलेट ट्रेन से लेकर मुल्लापेरियार और कृष्णा जल तक मुद्दे
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु को जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा। उन्होंने अमरावती, बेंगलुरु और चेन्नई को जोड़ने वाले ट्रांजिट नेटवर्क की बात भी कही। वहीं आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने परिसंपत्तियों व देनदारियों से जुड़े मामलों को केंद्र के साथ बातचीत से सुलझाने पर सहमति जताई। केरल ने मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा उठाया, जबकि तेलंगाना ने कृष्णा नदी के पानी पर अपने अधिकारों की सुरक्षा की मांग की। पुडुचेरी ने भी सालभर पानी की उपलब्धता के लिए केंद्र और पड़ोसी राज्यों से सहयोग मांगा।