समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जेपीएनआईसी को 30 वर्ष की लीज पर दिए जाने को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नहीं, दुकानदार है। जेपी को बेचने वाली पार्टी मौका मिले तो भाजपा को भी बेच देगी।
सपा सरकार में दोबारा शुरू कराया
सपा प्रदेश मुख्यालय में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि जेपीएनआईसी करीब 20 एकड़ जमीन में जनता के पैसे से तैयार हुआ है। इसका शिलान्यास नेताजी मुलायम सिंह यादव और समाजवादी नेताओं की मौजूदगी में हुआ था। सत्ता परिवर्तन के बाद रुका काम सपा सरकार में दोबारा शुरू कराया गया और इसे जयप्रकाश नारायण की विचारधारा से जुड़े योगदान के संदेश के रूप में विकसित किया गया।
संपत्ति वापस करने का प्रस्ताव भी दिया
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दस साल में परियोजना का काम पूरा नहीं करा सकी। बिना जांच ठेकेदारों को पूरा भुगतान किया गया और उनसे काम पूरा होने संबंधी लिखापढ़ी कराई गई। अखिलेश ने कहा कि सवाल यह नहीं कि इमारत किस सरकार ने बनाई, बल्कि यह है कि जनता के धन से बनी संपत्ति निजी हाथों में क्यों दी जा रही है। उन्होंने सरकार को जेपीएनआईसी की लीज राशि से एक रुपया अधिक देने और संपत्ति वापस करने का प्रस्ताव भी दिया।
सम्मान और सुरक्षा का संकल्प भी लिया
सपा प्रमुख ने किसान बाजार, किसान होटल और प्लासियो मॉल का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली का बड़ा इंजन बड़ी चीजें और यूपी का छोटा इंजन छोटी चीजें बेच रहा है। उन्होंने अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की बात भी कही। रक्षाबंधन पर सपा ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प भी लिया।