लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 80-20 वाले बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के भाषण की पांच सेकंड की वीडियो क्लिप साझा करते हुए आरोप लगाया कि उनके बयान से साफ है कि भाजपा शासन में पीडीए का उत्पीड़न रुकने वाला नहीं है। अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री के कथन का अर्थ है कि ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ तथा पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, आधी आबादी और आदिवासियों के साथ अन्याय आगे भी बढ़ेगा।
अखिलेश ने कहा कि पीडीए को लेकर दिया गया यह बयान भाजपा नेताओं को लंबे समय तक जनता के सामने जवाबदेह बनाए रखेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को जब हर समय पीडीए ही दिखाई देता है तो 108 मनकों की माला बनवाकर ‘पीडीए का जाप’ करना चाहिए।
सपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के बयान को 2024 के लोकसभा चुनाव से भी जोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के कारण भाजपा नेतृत्व का संतुलन बिगड़ा है और इसी वजह से ऐसे बयान सामने आ रहे हैं। उनका कहना था कि भाजपा के पास अपनी उपलब्धियां बताने के लिए कोई मुद्दा नहीं है और उपलब्धियों के स्तर पर पार्टी ‘दिवालिया’ है।
अखिलेश ने अयोध्या के चढ़ावे से जुड़े विवाद का हवाला देते हुए भी भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि जनता ‘चढ़ावा चोरों’ की बात सुनने के मूड में नहीं है।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ के पटेल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा चुनाव के नतीजे को 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए 80 फीसदी एनडीए और 20 फीसदी पीडीए का दावा किया था। इसी के बाद अखिलेश ने वीडियो साझा कर मुख्यमंत्री के बयान को पीडीए के संदर्भ में चुनौती दी है।