उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों दल सार्वजनिक तौर पर अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस सम्मानजनक हिस्सेदारी की बात कर रही है, जबकि सपा का कहना है कि सीटों का फैसला केवल जीतने की संभावना के आधार पर होना चाहिए।
कांग्रेस ने बढ़ाई सीटों की मांग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस इस बार गठबंधन में 150 से अधिक सीटों पर दावा कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकसभा चुनाव में गठबंधन का फायदा मिला था, इसलिए विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को बराबरी का सम्मान मिलना चाहिए। हालांकि सीटों को लेकर अभी दोनों दलों के बीच कोई आधिकारिक सहमति नहीं बनी है।
बयानों से बढ़ी तल्खी
हाल के दिनों में दोनों दलों के नेताओं के बयान भी चर्चा में रहे हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कांग्रेस की भूमिका को अहम बताया। इसके जवाब में सपा के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन ने सार्वजनिक बयानबाजी से बचने और गठबंधन की मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी। इससे दोनों दलों के बीच मतभेद की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
छोटे भाई की भूमिका नहीं चाहती कांग्रेस
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने साफ कहा है कि पार्टी सम्मान और बराबरी के आधार पर चुनाव लड़ना चाहती है। राजनीतिक जानकार इसे इस संकेत के रूप में देख रहे हैं कि कांग्रेस इस बार गठबंधन में छोटे सहयोगी दल की भूमिका स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है और सीट बंटवारे में बेहतर हिस्सेदारी चाहती है।
सपा का जोर जीतने वाली सीटों पर
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी का कहना है कि गठबंधन का उद्देश्य सिर्फ ज्यादा सीटें लेना नहीं, बल्कि चुनाव जीतना होना चाहिए। सपा नेताओं का तर्क है कि पिछली विधानसभा में कांग्रेस को पर्याप्त सीटें मिली थीं, लेकिन उसका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इसलिए इस बार सीटों का फैसला जीत की संभावना को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
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अंतिम फैसला बातचीत से ही होगा
फिलहाल सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच आधिकारिक समझौता नहीं हुआ है। राजनीतिक बयानबाजी के बावजूद माना जा रहा है कि चुनाव नजदीक आने के साथ बातचीत का दौर और तेज होगा। भाजपा को चुनौती देने के लिए विपक्षी एकता कितनी मजबूत रहती है और सीटों पर क्या सहमति बनती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।