
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के सपा नेता और कार्यवाहक जिलाध्यक्ष गुलशन यादव पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। एडीजी ने गुलशन यादव पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। यह कदम एसपी डॉ. अनिल कुमार की सिफारिश पर उठाया गया।
गंभीर मामलों में दर्ज 53 मुकदमे
गुलशन यादव के खिलाफ कुल 53 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। ये मुकदमे प्रतापगढ़ और प्रयागराज के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि गुलशन पिछले एक साल से फरार चल रहे हैं और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
करोड़ों की संपत्ति जब्त
इनाम घोषित होने से पहले ही पुलिस गुलशन यादव की करोड़ों की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। जानकारी के मुताबिक, अब तक उनकी 7 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। पुलिस का दावा है कि यह संपत्ति उनकी आपराधिक गतिविधियों से अर्जित की गई थी। माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
राजा भैया के खिलाफ लड़ा था चुनाव, मिली हार
गुलशन यादव का नाम तब ज्यादा सुर्खियों में आया जब उन्होंने प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ चुनाव लड़ा। हालांकि चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इस दौरान दोनों नेताओं के बीच जबरदस्त सियासी वार-पलटवार देखने को मिला। तभी से गुलशन यादव लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
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गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश
गंभीर आरोपों और लंबे समय से फरार रहने के कारण पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी के लिए और सख्त रवैया अपना रही है। सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों और डिजिटल ट्रैकिंग की मदद से पुलिस उनकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इनाम घोषित होने से उम्मीद है कि उनकी गिरफ्तारी में तेजी आएगी।
राजनीति और पुलिस महकमे में मची हलचल
सपा नेता गुलशन यादव पर दर्ज मामलों और उनकी फरारी ने प्रतापगढ़ की राजनीति और पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। करोड़ों की संपत्ति जब्त होने और इनाम घोषित होने के बाद अब पुलिस पर दबाव और बढ़ गया है कि जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जाए।