Sambhal SP Wedding: समाजवादी पार्टी में उस समय हलचल मच गई जब संभल के एसपी की शादी में पार्टी नेताओं की मौजूदगी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। अखिलेश यादव इस मुद्दे पर काफी नाराज नजर आए और उन्होंने साफ कहा कि पार्टी नेताओं को ऐसे कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए था। उनके बयान के बाद पार्टी में अनुशासन को लेकर बहस तेज हो गई।
शिष्टाचार का हवाला
शादी समारोह में शामिल सपा नेताओं और विधायकों ने पार्टी के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह एक सामाजिक कार्यक्रम था, न कि राजनीतिक। उनका कहना था कि स्थानीय स्तर पर काम करने वाले नेताओं को प्रशासनिक अधिकारियों से तालमेल बनाए रखना पड़ता है, ताकि जनता की समस्याओं का समाधान हो सके।
नाराजगी की वजह
दरअसल, संभल के एसपी केके बिश्नोई पर अल्पसंख्यक समुदाय और सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के आरोप लगे थे। ऐसे में उनके शादी समारोह में सपा नेताओं की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई थी, जिसके चलते अखिलेश यादव ने इस पर कड़ा रुख अपनाया।
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चेतावनी जारी
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नेताओं द्वारा सफाई देने के बाद अब सपा किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। हालांकि, सभी नेताओं को सख्त हिदायत दी गई है कि भविष्य में पार्टी लाइन का पालन अनिवार्य होगा और ऐसे मामलों से बचना होगा।
अंदरूनी संतुलन पर नई बहस
यह पूरा मामला सपा के भीतर अनुशासन और स्थानीय राजनीतिक व्यवहार के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ गया है। फिलहाल पार्टी इस विवाद को शांत करने की कोशिश में है और बड़े कदम से बचते हुए चेतावनी देकर ही मामला खत्म करने का संकेत दे रही है।