उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एंटी करप्शन विभाग ने एक सनसनीखेज मामले में बरेली में तैनात महिला पुलिस इंस्पेक्टर नरगिस खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया है. जांच में सामने आया है कि नरगिस खान ने पिछले 14 वर्षों में 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी घोषित आय से कहीं अधिक है.
सपा नेता की है पत्नी
नरगिस खान समाजवादी पार्टी के नेता सुरेश उर्फ शेखर की
पत्नी हैं. सपा सरकार के दौरान उन्हें कई अहम पदों पर नियुक्त किया गया था. उनकी
पोस्टिंग अक्सर ऐसे स्थानों पर होती थी, जहां से आर्थिक लाभ
प्राप्त करना आसान माना जाता था. उनके पति सुरेश पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में
शामिल रहे हैं, जिससे नरगिस को अतिरिक्त राजनीतिक और प्रशासनिक
ताकत हासिल हुई.
जांच में मिली करोड़ों की सम्पत्ति
जांच में खुलासा हुआ है कि नरगिस खान की वैध आय 5.36
करोड़ रुपये है, जबकि उन्होंने 14
वर्षों में 10.59 करोड़ रुपये की
संपत्ति अर्जित की. इनमें मेरठ के शास्त्रीनगर में एक आवास और गढ़ रोड में नंदिनी
बार शामिल हैं. उनकी अन्य चल-अचल संपत्तियों की भी जांच अभी जारी है.
विवादों से है पुराना नाता
नरगिस खान का विवादों से पुराना नाता रहा है. यह पहली बार
नहीं है जब उनका नाम किसी गंभीर मामले में सामने आया हो. वर्ष 2021 में नरगिस और उनके पति सुरेश को लखनऊ के अलीगंज में एक फ्लैट से गिरफ्तार किया
गया था. यह कार्रवाई एक सेवानिवृत्त उप श्रमायुक्त की पत्नी से 1.72 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में की गई थी. उस दौरान भी नरगिस पर अपने
प्रभाव का दुरुपयोग करने और जांच को प्रभावित करने के आरोप लगाए गए थे.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
लंबी जांच प्रक्रिया के बाद एंटी करप्शन विभाग ने नरगिस खान
के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है. जांच टीम ने
उनके दस्तावेजों, बैंक खातों और चल-अचल संपत्तियों की गहराई से
जांच की. विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नरगिस से उनकी संपत्तियों के
स्रोतों को लेकर पूछताछ की जाएगी और यदि उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, तो उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए यह मुकदमा मेरठ के मेडिकल
थाने में दर्ज किया गया है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान और भी बड़े
खुलासे हो सकते हैं. नरगिस खान के विरुद्ध की गई यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ
सरकार की सख्त नीति का संकेत मानी जा रही है.