UP News: यूपी विधान परिषद में शुक्रवार को शीतकालीन सत्र के दौरान हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने संस्कृत शिक्षकों के लंबित जनरल प्रॉविडेंट फंड (जीपीएफ) भुगतान के मुद्दे पर सरकार की उदासीनता का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। सपा के नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद् से जुड़े हजारों शिक्षक वर्षों से अपने जीपीएफ की राशि का इंतजार कर रहे हैं। कई शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं मिला।
सरकार से तत्काल भुगतान का आग्रह किया
उन्होंने सरकार से तत्काल भुगतान का आग्रह किया और कहा कि यह शिक्षकों के साथ अन्याय है। अन्य सपा सदस्यों ने भी नारेबाजी करते हुए सदन में हंगामा किया। जवाब में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने सदन को आश्वासन दिया कि संस्कृत शिक्षकों के जीपीएफ भुगतान की समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर मामले की समीक्षा की जा रही है और जल्द ही सभी लंबित दावों का निपटारा कर दिया जाएगा। सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। हालांकि सपा सदस्यों को यह जवाब संतोषजनक नहीं लगा। उन्होंने सरकार पर टालमटोल का आरोप लगाया और वॉकआउट कर दिया।
कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी
वॉकआउट के बाद सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में कार्यवाही बहाल हुई, लेकिन विपक्ष की अनुपस्थिति में अन्य मुद्दों पर चर्चा जारी रही। यह मुद्दा लंबे समय से लंबित है और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सपा ने इसे शिक्षक विरोधी नीति करार दिया है, जबकि सरकार का दावा है कि तकनीकी कारणों से देरी हुई है, जिसे शीघ्र दूर किया जाएगा। इस घटना से सत्र के पहले दिन ही विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनाव उजागर हो गया।