
स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर इंदौर के केंद्रीय जेल परिसर में होने वाले विशेष कार्यक्रम के दौरान 10 बंदियों को रिहा कर दिया गया। इन्होंने अपनी सजा पूरी पर ली थी। जेल में अपने अच्छे आचरण के चलते उन्हें खास छूट प्रदान की गई । जेल प्रशासन ने सूचना दी कि ये सभी बंदी अपने आचरण से सुधार की मिसाल बने। इस दौरान जेल में रहते हुए उन्होंने स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स में भी सक्रिय भागीदारी की।
औपचारिक रूप से रिहा किया
इनमें से बंदियों ने सिलाई, बढ़ईगिरी, कंप्यूटर प्रशिक्षण जैसे कई व्यावसायिक कोर्स पूरी किए। इससे वे समाज में दोबारा एक सकारात्मक भूमिका निभा सकें। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के बाद इन बंदियों को औपचारिक रूप से रिहा किया गया।
हुनर से अपना जीवन को दोबारा स्थापित करेंगे
इस मौके पर जेल अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जेल प्रशासन ने यह भी जानकारी दी कि इन बंदियों की रिहाई न केवल उनके अच्छे व्यवहार के कारण संभव हो सकी। यह इस बात का प्रमाण हे कि सुधारात्मक उपायों के जरिए एक नया जीवन शुरू किया। वहीं रिहा किए गए बंदियों ने भी प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि वे अब समाज में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में जीवन जीना चाहते हैं। इसके जेल में सीखे हुनर से अपना जीवन को दोबारा स्थापित करेंगे। स्वतंत्रता दिवस के दिन केंद्रीय जेल सागर में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 14 बंदियों के जीवन में खुशहाली लेकर आया। इस दिन उन्हें दोबारा से खुली हवा में सांस लेने का मौका मिला। जब उन्हें केंद्रीय जेल से रिहा कर दिया गया। मध्यप्रदेश शासन जेल विभाग की रिहाई नीति के तहत धारा 302 के तहत आजीवन कारावास से दंडित इन बंदियों को खास माफी प्रदान की गई। इस नीति के तहत आजीवन कारावास से दंडित बंदियों में दुष्कर्म, पॉक्सो आदि प्रकरण वाले दंडित बंदियों को किसी प्रकार की माफी नहीं दी।