UP News: समाजवादी पार्टी व कांग्रेस द्वारा लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने देने के विरोध में आज यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। विशेष सत्र के दौरान भाजपा निंदा प्रस्ताव लेकर आएगी। विशेष सत्र के पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित किया। योगी ने कहा कि सपा कांग्रेस चर्चा में स्पष्टीकरण दें कि उन्होंने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का विरोध क्यों किया।
वेल में आकर पक्ष-विपक्ष ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की
विधानमंडल के विशेष सत्र के शुभारंभ होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोग आमने-सामने आ गए और वेल में आकर एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने भाजपा विधायकों को शांत करवाया।
सपा सदस्यों ने मोदी की तस्वीर लगाकर की नारेबाजी
विशेष सत्र में शामिल होने के लिए पहुंचे सपा विधायकों ने पीएम मोदी की तस्वीर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक लागू किया जाए।
महिला आरक्षण पर भाजपा विधायकों ने किया पैदल मार्च
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भाजपा की महिला विधायकों ने पैदल मार्च किया और विपक्षी दलों के खिलाफ नारेबाजी की। महिला आरक्षण पर भाजपा महिला विधायकों की नारेबाजी, कहा बुर्के में छिप जाता है विपक्ष भाजपा की महिलाओं ने भी महिला आरक्षण की मांग करते हुए सदन में नारेबाजी की। भाजपा विधायक भी तख्ती लेकर सदन में पहुंची हुई थीं।
महिला आरक्षण पर गैलरी में तख्ती लेकर पहुंचे सपा विधायक
सदन के विशेष सत्र में शमिल होने के लिए पहुंचे सपा विधायकों ने महिला आरक्षण को लागू करने की मांग की और सदन की गैलरी में तख्ती लेकर पहुंचे।
सपा-कांग्रेस स्पष्टीकरण दें और निंदा प्रस्ताव पारित करने में मदद करें
सीएम योगी ने कहा कि विशेष सत्र में महिला सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किए गए कार्यों की चर्चा होगी। वहीं, शाहबानो प्रकरण से लेकर अब तक लगातार नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को आरक्षण देने का विरोध करने वाले सपा, कांग्रेस, टीएससी और डीएमके की भूमिका पर भी बात होगी। कैसे आधी आबादी के मुद्दों पर ये लोग डकैती डालते हैं। इस पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि अगर सपा-कांग्रेस में नैतिक साहस है तो वो चर्चा में भाग लें साथ ही इस बात का भी स्पष्टीकरण दें कि उन्होंने संशोधन विधेयक का विरोध क्यों किया, उनकी मंशा क्या थी और अगर उन्हें लगता है कि सपा-कांग्रेस के नेताओं ने गलत किया है तो वो माफी मांगें और निंदा प्रस्ताव को पारित करवाकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें।
सपा जन्मजात महिला विरोधी
सीएम योगी ने कहा कि सपा जन्मजात महिला विरोधी है और सत्ता में रहने के दौरान उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बर्बरता की है। सपा की सरकार के दौरान नारा ही बन गया था, देख सपाई बिटिया घबराई। सपा-कांग्रेस के महिला विरोधी आचरण को देश पहले ही जानता था पर उनके पास मौका था कि अपने ऊपर लगी कालिख को हटा सकें और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन में सहयोग करते लेकिन उन्होंने वो अवसर भी खोया। अब सपा-कांग्रेस अपनी महिला विरोधी मुहिम में लगे हुए हैं कि यह संशोधन पास न हो पाए। आज उसी पर चर्चा के लिए विधानमंडल का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है।
अपने आचरण के लिए माफी मांगें सपा-कांग्रेस
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर यूपी विधानमंडल के बुलाए गए एकदिवसीय सत्र के पहले मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा-कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने महिला विरोधी आचरण का प्रदर्शन किया है जिसके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने के लिए विधानमंडल का यह विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने शाहबानो प्रकरण और अब महिला आरक्षण का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर सपा-कांग्रेस में साहस है तो सदन की चर्चा में भाग लें और अपने आचरण को लेकर माफी मांगें।
सपा ने लगाया झूठ फैलाने का आरोप
अति निंदा प्रस्ताव में कहा गया कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर झूठ फैला रही है कि यह बिल विपक्ष ने पास नहीं होने दिया। जबकि, यह बिल सभी दलों ने मिलकर पास किया था और जो बिल पास नहीं हो सका वो दरअसल परिसीमन बिल था। भाजपा ने महिला आरक्षण में पिछड़ी व अल्पसंख्यक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया है। नारी वंदन का ढोंग रचने वाली भाजपाई सोच वस्तुतः नारी विरोधी है। भाजपा उस वातावरण को बनने नहीं देना चाहती, जहां नारी-पुरुष की समानता की बात हो। हमारे देश में भगवानों के नाम में स्त्री-पुरुष के साथ-साथ नाम लेने की स्वस्थ परंपरा को भी इन्होंने तोड़ा है। हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा नारी को नारा बनाना चाहती है, जिससे सच में उन्हें अधिकार न देकर केवल दिखावटी सहानुभूति का नाटक रचा जा सके।
सपा ने पास किया अति निंदा प्रस्ताव, बोले- परिसीमन की थी साजिश
इसके पहले, बुधवार को सपा विधानमंडल दल की बैठक में महिला आरक्षण के बहाने परिसीमन की कथित साजिश के खिलाफ अति निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी मौजूद रहे। विधानसभा में नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय ने निंदा प्रस्ताव पारित घोषित किया। अति निंदा प्रस्ताव में कहा गया है कि हम केंद्र की भाजपा व उनकी सहयोगी दलों की घोर निंदा करते हैं जो महिला आरक्षण का ढोंग करती हैं। जिनका मंसूबा इस बिल के बहाने निर्वाचन क्षेत्रों का मनचाहा परिसीमन करके चुनाव जीतना था, न कि सच में महिलाओं को उनके अधिकार देकर उनका सशक्तीकरण करना