Special trains : त्योहारी सीजन शुरू होते ही दिल्ली और आसपास के शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। नियमित ट्रेनों में टिकटों की मांग बढ़ने के कारण यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो जाता है। इसी को देखते हुए रेलवे की ओर से अलग-अलग रूटों पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इन ट्रेनों का उद्देश्य त्योहार के दौरान बढ़ने वाली अतिरिक्त भीड़ को संभालना और यात्रियों को उनके गृह शहरों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराना है।
त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है यात्रियों की भीड़
त्योहारों के समय दिल्ली से पूर्वांचल, बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार या पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और त्योहार पर परिवार के साथ समय बिताने के लिए घर लौटते हैं। ऐसे में नियमित ट्रेनों में सीटों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
यूपी-बिहार के कई रूटों पर मिल सकता है अतिरिक्त विकल्प
रेलवे आमतौर पर यात्रियों की मांग और भीड़ को देखते हुए दिल्ली से उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों के लिए विशेष ट्रेनें चलाता है। इन ट्रेनों के रूट में संबंधित रेलवे जोन और परिचालन व्यवस्था के अनुसार बदलाव हो सकता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि टिकट बुक करने से पहले ट्रेन का नंबर, चलने की तारीख, शुरुआती स्टेशन और गंतव्य स्टेशन की जानकारी जरूर जांच लें। इससे यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।
टिकट बुकिंग से पहले शेड्यूल जरूर करें चेक
स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल नियमित ट्रेनों से अलग हो सकता है। कई ट्रेनें सीमित अवधि या निर्धारित दिनों में ही संचालित की जाती हैं। इसलिए यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे यात्रा की तारीख तय करने से पहले रेलवे के आधिकारिक माध्यम से ट्रेन का समय और उपलब्धता जांच लें। टिकट बुकिंग के दौरान बोर्डिंग स्टेशन और गंतव्य की जानकारी भी सावधानी से भरनी चाहिए। आखिरी समय में टिकट लेने से बचना बेहतर रहेगा, क्योंकि त्योहारों के दौरान सीटें तेजी से भर सकती हैं।
भीड़ को नियंत्रित करने में मिलेगी मदद
त्योहारी स्पेशल ट्रेनों के संचालन से केवल यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प ही नहीं मिलता, बल्कि नियमित ट्रेनों पर दबाव कम करने में भी मदद होती है। दिल्ली से यूपी और बिहार जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण रेलवे को अतिरिक्त परिचालन व्यवस्था करनी पड़ती है। स्पेशल ट्रेनें इसी अतिरिक्त मांग को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम होती हैं। रेलवे जरूरत के अनुसार ट्रेनों की संख्या और फेरे निर्धारित करता है।
यात्रा से पहले आधिकारिक जानकारी लेना जरूरी
यात्रियों को ध्यान रखना चाहिए कि स्पेशल ट्रेनों के नंबर, संचालन की तारीख और समय में बदलाव संभव है। इसलिए सोशल मीडिया या अनधिकृत वेबसाइट पर मिली जानकारी के आधार पर यात्रा की योजना बनाने के बजाय रेलवे के आधिकारिक सूचना माध्यम से शेड्यूल की पुष्टि करना जरूरी है। टिकट बुक करने के बाद भी ट्रेन के समय और स्टेशन की जानकारी दोबारा जांच लें। इस तरह त्योहार पर दिल्ली से यूपी-बिहार जाने वाले यात्रियों की यात्रा ज्यादा सुविधाजनक और व्यवस्थित हो सकती है।