थाना अनूपशहर क्षेत्र के मूल निवासी सीआरपीएफ के जवान एवं एसपीजी कमांडो संजीव कुमार को आज भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। संजीव कुमार का निधन हरियाणा के मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम में हुआ, जहां वह पिछले डेढ़ महीने से वेंटिलेटर पर भर्ती थे। गुरुवार को अनूपशहर निवासी सीआरपीएफ व एसपीजी कमांडो संजीव कुमार की लंबी बीमारी के चलते मौत हो गई। संजीव काफी समय से बीमारी से ग्रसित थे। उनका उपचार गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में चल रहा था।
साल 2015 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए
परिजनों के अनुसार करीब डेढ़ माह से वो वेंटिलेटर पर थे। संजीव कुमार पुत्र चंद्रपाल सिंह, उम्र 32 वर्ष, साल 2015 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। इसके बाद वर्ष 2023 में स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में बतौर कमांडो चयनित हुए थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा टीम का हिस्सा थे। अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उन्हें मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां 12 नवंबर को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार बाबा मस्तराम घाट, अनूपशहर पर राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
परिवार में तीन भाई और दो बहनें हैं
इस दौरान सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर आकाश शर्मा एवं गार्ड राजकुमार सहित जवानों ने सलामी देकर अंतिम विदाई दी। संजीव कुमार की शादी वर्ष 2018 में प्रीति से हुई थी, जो बहजोई की रहने वाली हैं। परिवार में जुड़वां दो बच्चे बेटा गोलू और बेटी नव्या (उम्र 5 वर्ष) हैं। परिवार में तीन भाई और दो बहनें हैं। संजीव के पिता चंद्रपाल सिंह गांव में साधारण किसान हैं जबकि माता गृहणी हैं। मूल रूप से ग्राम गरहेरा, अनूपशहर क्षेत्र के निवासी संजीव कुमार हाल ही में कस्बा अनूपशहर के मोरी गेट क्षेत्र में परिवार सहित रह रहे थे।
किसी बात पर आक्रोशित नही होते थे
संजीव के निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पत्नी प्रीति बदहोश हो गईं, जबकि मासूम बच्चों को अब तक इस बात का अहसास नहीं कि उनके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोगों ने शामिल होकर अपने वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सीआरपीएफ इंस्पेक्टर आकाश शर्मा ने बताया कि संजीव बहुत मदुर स्वाभ के थे। कभी किसी बात पर आक्रोशित नही होते थे।