
Spying for Israel: ईरान ने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में एक व्यक्ति को फांसी दे दी है। यह फांसी देश के पवित्र शहर कोम में दी गई। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मिजान के मुताबिक, अदालत ने आरोपी को “धरती पर भ्रष्टाचार फैलाने” और “ईश्वर के खिलाफ शत्रुता” जैसे गंभीर अपराधों में दोषी पाया था। उसकी सजा को सर्वोच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा और दया याचिका ठुकराने के बाद सजा को अंजाम दिया गया।
पहचान गुप्त रखी गई
ईरान ने फांसी पाए व्यक्ति की पहचान का खुलासा नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि उस व्यक्ति ने यहूदी शासन यानी इजरायल के साथ खुफिया सहयोग किया था। उस पर आरोप था कि उसने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां विदेशी एजेंसियों को दीं। ईरान में इस तरह के अपराधों को देशद्रोह की श्रेणी में रखा जाता है, और इस्लामिक पीनल कोड के तहत इसके लिए मौत की सजा का प्रावधान है।
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मोसाद को दी गुप्त जानकारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने अक्टूबर 2023 में मोसाद के संपर्क में आना शुरू किया था और फरवरी 2024 में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पता चला कि उसने इजरायल की एजेंसी को अहम सूचनाएं दी थीं और उनके इशारे पर ईरान के अंदर गुप्त मिशन भी अंजाम दिए थे। हालांकि, सरकारी रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि जासूसी किस क्षेत्र से जुड़ी थी या गिरफ्तार व्यक्ति किस पेशे से था। ईरान ने हाल के वर्षों में इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में कई लोगों को फांसी दी है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।