
भ्रष्टाचार के मामले में श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को कोलंबों में क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने पूर्व राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया है। आपको बता दें कि उनकी गिरफ्तारी ऐसे वक्त पर हुई है, जब वह अपने पुराने एक भ्रष्टाचार से संबंधित मामले को लेकर बयान दर्ज कराने के लिए सीआईडी के दफ्तर पहुंचे थे।
बयान दर्ज कराने के दौरान हुई गिरफ्तारी
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे शुक्रवार को एफसीआईडी के सामने पेश हुए थे। यहां पर वह अपना बयान दर्ज कराने के लिए पहुंचे थे। अफसरों का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोलंबो कोर्ट मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
एक माह के विरोध के बाद पद छोड़ा
आपको बता दें कि विक्रमसिंघे जुलाई 2022 में गोटाबाया राजपक्षे के शेष कार्यकाल के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति बने थे। कथित भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के विरोध में एक माह तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद गोटाबाया राजपक्षे ने अपना पद छोड़ा। ऐसा बताया जा रहा है कि श्रीलंका में साल 2022 में देश में आए सबसे बुरे वित्तीय संकट के लिए राजपक्षे को ही जिम्मेदार माना जाता है। विक्रमसिंघे सितंबर में पुनः चुनाव पर हार गए थे।
विक्रमसिंघे से पहले इन लोगों के बयान दर्ज
श्रीलंका की सीआईडी इस मामले की जांच में जुटी हुई है। विक्रमसिंघे से पहले राष्ट्रपति के पूर्व सचिव समन एकनायके और विक्रमसिंघे के कार्यकाल के दौरान उनकी निजी सचिव रहीं सैंड्रा परेरा के बयान दर्ज किए थे। सूत्रों के अनुसार, विक्रमसिंघे को मंगलवार को सीआईडी से फोन आया। इसके बाद उन्होंने अपने वकीलों के जरिए बताया कि वो शुक्रवार को सीआईडी के सामने पेश होंगे। जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए और उनका बयान दर्ज किया गया।