Shridevi : दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की चेन्नई स्थित संपत्ति को लेकर चल रहा कानूनी विवाद एक बार फिर चर्चा में है. मामला चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड इलाके में स्थित करीब 4.77 एकड़ जमीन से जुड़ा है. उपलब्ध अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, श्रीदेवी ने यह जमीन वर्ष 1988 में सम्बंधम मुदलियार के परिवार से खरीदी थी. इसके बाद लंबे समय तक श्रीदेवी और उनका परिवार इस संपत्ति पर अपने कब्जे और इस्तेमाल का दावा करता रहा.
संपत्ति पर किसने जताया अधिकार?
विवाद तब सामने आया जब कुछ लोगों ने इस जमीन में अपना हिस्सा होने का दावा करते हुए अदालत का रुख किया. 2025 में चेंगलपट्टू की अतिरिक्त जिला अदालत में दायर मामले में चंद्रबानु और उनके बच्चों शिवगामी तथा नटराजन ने संपत्ति पर अधिकार का दावा किया। उनका कहना था कि परिवार से जुड़े उत्तराधिकार के आधार पर उन्हें जमीन में हिस्सा मिलना चाहिए.
Boney Kapoor और बेटियों ने दी चुनौती
इस दावे के खिलाफ श्रीदेवी के पति बोनी कपूर और उनकी बेटियां जाह्नवी कपूर तथा खुशी कपूर अदालत पहुंचीं. उन्होंने निचली अदालत में दायर मुकदमे को खारिज करने की मांग की थी। जब वहां से उन्हें राहत नहीं मिली, तो उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया. मार्च 2026 में हाई कोर्ट ने मामले की कार्यवाही पर अंतरिम रोक भी लगाई थी.
मद्रास हाई कोर्ट का फैसला
मई 2026 में मद्रास हाई कोर्ट ने बोनी कपूर और उनकी बेटियों को राहत देते हुए निचली अदालत के आदेश को अलग कर दिया और संपत्ति पर अधिकार मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया. अदालत ने मामले में पहले हुए कानूनी घटनाक्रम और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों पर भी विचार किया.
1988 की खरीद बनी अहम कड़ी
अदालत के सामने यह तथ्य भी रखा गया कि संबंधित जमीन की बिक्री 1988 में हुई थी और बिक्री दस्तावेज लंबे समय से मौजूद थे. रिपोर्टों के अनुसार, श्रीदेवी के परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि संपत्ति पर परिवार का लंबे समय से कब्जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ दावेदारों ने अपने पारिवारिक संबंधों और उत्तराधिकार के आधार पर अधिकार की बात कही थी.
फिलहाल क्या है स्थिति?
मद्रास हाई कोर्ट के मई 2026 के आदेश के बाद इस विशेष दावे पर श्रीदेवी के परिवार को राहत मिली है। यानी 4.77 एकड़ जमीन को लेकर दायर संबंधित सिविल मुकदमे को हाई कोर्ट ने आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। यह मामला श्रीदेवी की संपत्ति से जुड़े कानूनी विवादों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है.