
Haridwar accident: हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर मार्ग पर सोमवार को भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें 6 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई और 28 लोग घायल हो गए। यह हादसा उस वक्त हुआ जब मंदिर जाने वाले रास्ते पर भक्तों की भीड़ बेकाबू हो गई। बताया जा रहा है कि संकरे रास्ते और पर्याप्त व्यवस्था न होने की वजह से यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। मृतकों में उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के श्रद्धालु शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मृतकों में मासूम और युवा श्रद्धालु शामिल
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों में बरेली के 12 वर्षीय आरूष, अररिया बिहार के 18 वर्षीय शकल देव, रामपुर निवासी विक्की सैनी, काशीपुर के विपिन सैनी, बाराबंकी के वकील और बदायूं की शांति देवी शामिल हैं। इन मृतकों के परिजन सदमे में हैं और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। मंदिर प्रशासन और पुलिस की ओर से घटना की जांच शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि भीड़ नियंत्रण में प्रशासन की बड़ी चूक रही, जिससे स्थिति भयावह हो गई।
एम्स ऋषिकेश और हरिद्वार अस्पताल में इलाज जारी
घायलों में दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई लोग शामिल हैं। कुछ गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है जबकि अन्य का इलाज हरिद्वार जिला अस्पताल में हो रहा है। घायलों में छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं और पीड़ितों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।