नगर निगम के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी ) में क्लोरीन गैस के रिसाव होने से आसपास के इलाके में भगदड़ मच गई और कर्मचारी प्लांट छोड़कर भाग गए। गैस की चपेट में आने से 12 से अधिक लोगों की हालत बिगड़ गई। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कराया। करीब दो घंटे तक क्षेत्र के लोग दहशत के साय में रहे।
मोदीपुरम थाना क्षेत्र के पल्लवपुरम फेस-2 की एन पॉकेट नगर निगम का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) है। इसकी देखभाल के लिए कर्मचारी रहते है। मंगलवार शाम प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, रिसाव को कंट्रोल करने के बजाए कर्मचारी प्लांट से भाग गए। कुछ ही देर में क्लोरीन गैस आसपास के इलाके में फैल गई। आंखों में जलन के साथ लोगों को सांस लेने में दिक्कत और उल्टी होने लगी। शुरुआत में लोग कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन जैसे ही उन्हें क्लोरीन गैस के रिसाव की जानकारी मिली तो लोगों में भगदड़ मच गई और जो जिस स्थिति में था, वह अपने घरों को बंद कर भागने लगा। गैस रिसाव की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन वह भी ज्यादा देर नहीं रुक पाई। जानकारी मिलते ही एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले मौके पर पहुंचे और पुलिस की मदद से 12 से अधिक लोगों को ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। मदद के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंची। गैस का रिसाव कैसे हुआ। इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने अनाउंसमेंट कराकर मकान खाली कराए
गैस रिसाव होने की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने वहां की स्थिति को देखते हुए अनाउंसमेंट कराकर लोगों से मकान खाली करने के लिए कहा। साथ ही गैस रिसाव की जानकारी मिलते ही पल्लवपुरम रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से भी स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने की अपील की गई।
प्लांट की परिधि से 50 मीटर के दायरे में रहने की संभावना
हालांकि अभी इसकी पुख्ता जानकारी नहीं मिली है कि क्लोरीन गैस का रिसाव गैस हुआ। जिस स्थान पर प्लांट है, उसके आसपास सौ से अधिक आवास है। क्लोरीन गैस से बचने के लिए विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को दूर रखा गया। पल्लवपुरम रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव मलिक का कहना है कि गैस का प्रभाव प्लांट की परिधि से करीब 50 मीटर के दायरे तक ही रहने की संभावना है। नगर निगम और पुलिस की टीम राहत कार्य में जुटी है।
900 किलो के टनल में हुआ लीकेज, लापरवाही उजागर
क्लोरीन गैस में रिसाव की सूचना मिलने के बाद दौराला ऑर्गेनिक के कर्मचारी मदद के लिए बुलाए गए। वह गैस रिसाव के दौरान सांस लेने वाले उपकरणों के साथ आए थे। उन्होंने प्लांट की जांच की तो पाया 900 किलो के टनल से जो लाइन जुड़ी थी, उसमें वाशर नहीं डाला गया था, जैसे ही गैस ऑन की गई उसमें रिसाव शुरू हो गया और हालात बिगड़ते चले गए थे।
पार्षद विक्रांत ढाका आईसीयू में भर्ती
मोदीपुरम स्थित एसडीएस ग्लोबल अस्पताल के मैनेजर मनोज गोयल ने बताया, दीपांशु, पार्षद विक्रांत ढाका, आदित्य, वेदांशी, अनिका और वाणी समेत सात लोगों को अस्पताल लाया गया। सभी को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया गया। विक्रांत ढाका को आईसीयू में शिफ्ट किया गया। एक युवक राधेश्याम को फ्यूचर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गैस के संभावित प्रभाव को देखते हुए पुलिस ने पल्लवपुरम फेस-2 और आकांक्षा एंबिएंस कॉलोनी के लोगों को फिलहाल क्षेत्र खाली करने के लिए कहा। इसके बाद दोनों कॉलोनियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।