उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने दिल को झकझोर कर रख दिया. प्रदेश स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी बृजेश सोलंकी को मार्च में गांव के एक नाले से एक कुत्ते के पिल्ले को निकलते समय उसने काट लिया. उस समय उन्होंने इसे मामूली चोट समझकर छोड़ दिया और एंटी-रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई. अब कुछ महीनों के बाद कुछ ऐसा हुआ जो बहुत ही खतरनाक था. दरअसल बृजेश ने कुत्ते के काटने के बाद रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगवाया. कई महीने बीतने के बाद उसको रेबीज हो गया और उसने तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया.
अचानक तेजी से बिगड़े हालात
शुरुआत में बृजेश सामान्य रूप से कबड्डी की ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहे. अचानक हालात बिगड़ने लगे, उनके हाथ की उंगली सुन्न होने लगी, फिर उन्हें अचानक ठंड लगने लगी. उन्होंने इलाज की शुरुआत अलीगढ़, मथुरा के अस्पतालों से की. यहां तक कि एक आयुर्वेदिक केंद्र तक में इलाज कराया, लेकिन हर जगह रेबीज के गंभीर लक्षण मिले और कोई उपचार असरकारी साबित नहीं हुआ.
इलाज में देरी से तड़प- तड़प कर मौत
आखिर में उन्हें दिल्ली के GTB अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सको ने रेबीज संक्रमण की पुष्टि की, लेकिन अब बहुत देरी हो चुकी थी. इलाज के दौरान उनकी हालत और बिगड़ी. अंत में मरीज को अस्पताल से घर जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया.उनकी मौत के बाद पूरे गांव में मातम फैल गया, साथ ही देखभाल में लापरवाही और जागरूकता की कमी से गुस्से का माहौल बना हुआ है.
विशेषज्ञों की चेतावनी
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सार्वजनिक रूप से अपील की है कि किसी भी जानवर—खासकर कुत्ते या उसके बच्चे के काटने की घटना को हल्के में न लिया जाए. जितना संभव हो सके कटा हुआ क्षेत्र साफ-सुथरा रखें. तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाएं.