मेरठ STF ने सोमवार सुबह एक मुठभेड़ में मुख्तार अंसारी गैंग के शार्प शूटर शाहरुख पठान को मार गिराया. शाहरुख पर हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसे 12 से ज्यादा गंभीर मुकदमे दर्ज थे और वह लंबे समय से फरार चल रहा था. पुलिस को उसके मुजफ्फरनगर में होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद घेराबंदी की गई और मुठभेड़ में उसे ढेर कर दिया गया.
कैसे हुआ एनकाउंटर?
STF को सूचना मिली थी कि शाहरुख मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र में मौजूद है. इस जानकारी के आधार पर टीम ने इलाके में घेराबंदी की. खुद को घिरा देखकर शाहरुख ने कार से ही पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में STF ने उसे गोली मार दी. घायल शाहरुख को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मौके से पुलिस को एक कार, पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस भी मिले हैं.
पंचर की दुकान चलाने वाला बना शार्प शूटर
शाहरुख पहले साइकिल पंचर बनाने की दुकान चलाता था. लेकिन धीरे-धीरे उसने चोरी और फिर हत्या जैसे गंभीर अपराधों की ओर रुख किया. जीवा गैंग से जुड़ने के बाद उसने कई की सुपारी लेकर हत्याएं कीं.
2015 में उसने मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर पेशी पर लाए गए बंदी आसिफ जायदा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके बाद 2017 में हरिद्वार में एक कंबल व्यापारी गोल्डी की हत्या की. उसी साल उसने आसिफ जायदा के पिता जो कि हत्या केस के गवाह थे उनको भी मार डाला. इन वारदातों के बाद उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
गोल्डी मर्डर केस में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी. लेकिन लगभग छह महीने पहले वह जमानत पर जेल से बाहर आया और फिर से गवाहों को धमकाने और हत्या की साजिश में लग गया. संभल जिले के बनियाठेर में उस पर हत्या की कोशिश और धमकी देने का एक और केस दर्ज हुआ, जिसमें वह फरार था. 14 जुलाई को STF को उसकी लोकेशन मिली, जिसके बाद मुठभेड़ में उसे मार गिराया गया. बता दें कि शाहरुख लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बना था.