Delhi Police Transfer Controversy : दिल्ली पुलिस में दो अधिकारियों के ट्रांसफर को लेकर अंदरूनी नाराजगी सामने आने लगी है। शाहदरा थाने में एक वकील के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद ACP और SHO का तबादला किया गया था। अब इन अधिकारियों के समर्थन में दिल्ली पुलिस के कुछ जवानों ने विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी की है। इसी बीच दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पुलिसकर्मियों के साथ बातचीत करने का फैसला किया है। 3 नवंबर को किंग्सवे कैंप स्थित उत्सव सदन में यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के पुलिसकर्मी शामिल होंगे।
ट्रांसफर के बाद शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई एक घटना से जुड़ा है। आरोप है कि थाने में हुए विवाद के दौरान एक वकील के सिर में गंभीर चोट आई थी। इसके बाद गांधी नगर सबडिवीजन में तैनात ACP मानसवी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया। इस घटना के विरोध में जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। वकीलों की मांग थी कि मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 28 अक्टूबर को दोनों अधिकारियों के ट्रांसफर के आदेश जारी होने के बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी।
व्हाट्सऐप पर जुटने की अपील
अधिकारियों के ट्रांसफर के बाद दिल्ली पुलिस के व्हाट्सऐप ग्रुपों में संदेश प्रसारित होने लगे। इनमें पुलिसकर्मियों से 2 नवंबर को सुबह 8 बजे पुलिस मुख्यालय के बाहर इकट्ठा होने की अपील की गई थी। प्रदर्शन का उद्देश्य दोनों अधिकारियों के समर्थन में आवाज उठाना और उनकी पुरानी पोस्टिंग बहाल करने की मांग करना बताया गया। 31 अक्टूबर को सामने आए एक वीडियो में ACP मानसवी वशिष्ठ ने सहयोगियों का आभार जताया और प्रस्तावित जुटान में शामिल होने की बात कही। हालांकि, उन्होंने अनुशासित बल का सदस्य होने के नाते प्रदर्शन के बजाय पुलिस कमिश्नर के साथ खुली बातचीत का रास्ता अपनाने का सुझाव दिया।
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LG के कार्यक्रम की पूरी तैयारी
दिल्ली पुलिस के सर्कुलर के मुताबिक, उपराज्यपाल का संवाद कार्यक्रम 3 नवंबर को शाम 4 बजे शुरू होगा। सभी जिलों और ट्रैफिक यूनिट को 20-20 पुलिसकर्मियों को नामित करने का निर्देश दिया गया है। इनमें तीन इंस्पेक्टर, सात अपर अधीनस्थ और 10 निचले अधीनस्थ स्तर के कर्मचारी शामिल होंगे। क्राइम ब्रांच और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स से 15-15 कर्मियों को भेजने को कहा गया है। वहीं, स्पेशल ब्रांच, स्पेशल सेल, विजिलेंस और अन्य विशेष इकाइयों से 10-10 पुलिसकर्मियों को नामित किया जाएगा।
2 नवंबर तक भेजने होंगे नाम
सर्कुलर के अनुसार, नामित पुलिसकर्मियों की सूची 2 नवंबर दोपहर 2 बजे तक संबंधित अधिकारी को भेजनी होगी। इसके बाद सभी चयनित कर्मियों को 3 नवंबर को दोपहर 2 बजे तक उत्सव सदन में रिपोर्ट करना होगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इनमें स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर और संबंधित जिलों के DCP शामिल हैं। इस बैठक को पुलिसकर्मियों की नाराजगी और ट्रांसफर विवाद के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।