भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड से जुड़े स्टॉक ब्रोकर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल SEBI स्टॉक ब्रोकर्स से जुड़े नियमों में जल्द ही बदलाव करने की योजना बना रहा है. सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय के मुताबिक इन नियमों को अपडेट करने का मुख्य मकसद जोखिम प्रबंधन और डेटा सुरक्षा को मजबूत करने से है. उन्होंने कहा कि ये बदलाव दिसंबर 2025 तक लागू किए जा सकते हैं. गौरतलब है कि स्टॉक ब्रोकर्स के मौजूदा नियम लगभग 30 साल पुराने हैं.
पुराने भौतिक शेयर रखने वालों को दी जाएगी ये राहत
दरअसल सेबी लंबे समय से निवेश करने वालों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए एक अहम राहत देने की योजना तैयार कर रहा है. अब जिन निवेशकों के पास वित्त वर्ष 2020 से पहले के भौतिक शेयर हैं, लेकिन वे उन्हें अपने नाम ट्रांसफर नहीं करवा सके, उन्हें अब ऐसा करने की अनुमति दे दी जाएगी. इससे उन शेयरधारकों को काफी सहूलियत मिल जाएगी.
एंजल वन और सेबी में हुआ समझौता
इसके साथ ही स्टॉक ब्रोकरेज फर्म एंजल वन ने सेबी के खुलासा नियमों का उल्लंघन करने के एक मामले में ₹34 लाख का भुगतान करके समझौता कर लिया है. सेबी ने अप्रैल में कंपनी को एक नोटिस जारी किया था. जिसके बाद अब ये समझौता किया गया है.
एमसीएक्स में तकनीकी गड़बड़ी की जांच जारी
हाल ही में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में हुई तकनीकी खराबी के कारण कारोबार प्रभावित हो गया था. फिलहाल सेबी इस मामले की जांच कर रहा है. एमसीएक्स में हुई तकनीकी गड़बड़ी को लेकर सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने मंगलवार को 'बार-बार' हो रही ऐसी समस्याओं के कारण कामकाज ठप होने को लेकर नाखुशी जाहिर की.
समस्या का विश्लेषण कर सुधार के कदम उठाएगा सेबी
पांडेय ने कहा कि पूंजी बाजार नियामक, यदि आवश्यक हुआ, तो मौजूदा समस्या की हर पहलू पर जांच करने के बाद सुधार के उचित कदम उठाएगा. सेबी ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए एक मानक संचालन व्यवस्था का पालन करता है. उन्होंने कहा कि सेबी की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में ऐसी घटना के बाद की जाने वाली कार्रवाई का विस्तार से उल्लेख किया गया है. इसके तहत इस तरह के मामले की रिपोर्टिंग से शुरुआत होती है और फिर मूल कारण का विश्लेषण किया जाता है. कई स्तर पर रिपोर्ट तैयार की जाती हैं. एक 24 घंटे के भीतर और दूसरी एक हफ्ते बाद.
चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने आगे कहा कि तेजी से हो रहे डिजिटल बदलाव के बीच बाजार मध्यस्थों के लिए परिचालन मजबूती सुनिश्चित करना और व्यावसायिक निरंतरता बनाए रखना जरूरी है. बता दें कि एमसीएक्स अक्टूबर 2023 से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नए ट्रेडिंग सिस्टम पर काम कर रहा है.