सप्ताहभर की जोरदार तेजी के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में अचानक गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक और निफ्टी लगभग 60 अंक नीचे फिसल गया। बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे निवेशकों में सतर्कता बढ़ी। हालांकि इस गिरावट के बीच अडानी समूह के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन कर बाजार की सुर्खियां बटोरीं। सेबी द्वारा हिंडनबर्ग मामले को समाप्त करने के बाद अडानी के स्टॉक्स में भारी खरीदारी देखी गई।
लार्जकैप में बिकवाली से दबाव
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट की मुख्य वजह लार्जकैप शेयरों में मुनाफावसूली रही। सप्ताहभर लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव बढ़ा। साथ ही अमेरिका की नई टैरिफ नीति और ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता ने भी विदेशी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती के फैसले ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा की, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से केवल 7 शेयरों में तेजी रही, जबकि 23 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस जैसे दिग्गज शेयरों में एक फीसदी तक की गिरावट देखी गई। वहीं ज़ाइडस वेलनेस, डीसीएम श्रीराम और जेन टेक्नोलॉजी जैसे मिडकैप शेयर 2 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए।
अडानी समूह का कमाल
गिरावट के माहौल में अडानी समूह के शेयरों ने निवेशकों को राहत दी। अडानी पावर का शेयर 7 फीसदी उछलकर 675 रुपये के करीब पहुंच गया। अडानी एंटरप्राइजेज में लगभग 4 फीसदी की बढ़त रही, जबकि अडानी पोर्ट, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी एनर्जी सॉल्यूशन में 2 से 3 फीसदी तक तेजी दर्ज की गई