शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार ने ऐसा झटका दिया कि निवेशकों का दिल बैठ गया. एशियाई बाजारों की जोरदार गिरावट का सीधा असर भारत पर पड़ा और ट्रेडिंग शुरू होते ही सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा टूट गया. निफ्टी भी 150 अंक गिरकर धड़ाम हो गया. जापान का निक्केई 1100+ अंक क्रैश, हांगकांग का हैंगसेंग 300 अंक नीचे… ऐसे खराब ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय बाजारों का लड़खड़ाना तय था। शुरुआती मिनटों में ही मार्केट में डर और भगदड़ का माहौल बन गया.
सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही धड़ाम
बीएसई सेंसेक्स पिछले बंद 83,311 के मुकाबले गिरकर 83,150 पर खुला, लेकिन ये गिरावट थमी नहीं और कुछ ही देर में सेंसेक्स 620 अंक गोता लगाकर 82,690 पर पहुंच गया। निफ्टी भी अपने पिछले 25,509 के बंद स्तर से फिसलकर 25,433 पर खुला और फिर लगातार गिरते हुए 175 अंक टूटकर 25,334 पर ट्रेड करता दिखा यानी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार ने निवेशकों के पोर्टफोलियो में बड़ा काटा चला दिया.
टॉप कंपनियों के शेयर लाल
सबसे ज्यादा झटका बड़े शेयरों को लगा। सेंसेक्स के 30 में से 27 शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे थे। भारतीय एयरटेल में ब्लॉक डील की खबर के बाद शेयर करीब 4% गिरकर 2012 रुपये पर आ गया। HCL Tech 2% टूटा, TCS 1.50% फिसला और Tech Mahindra 1.40% नीचे रहा. मिडकैप में Hext 4% गिरा, Escorts 3% टूटा, जबकि स्मॉलकैप में Bliss GVS 16% और Amber 14% तक धड़ाम हो गए यानी हर सेगमेंट में गिरावट की जोरदार बारिश हुई.
एशियाई बाजार लाल
भारतीय बाजार की खराब ओपनिंग की असली वजह एशिया में मचा कोहराम था। Nikkei 1134 अंक गिरकर 49,749 पर आ गया, Hanseng 310 अंक गिरकर 26,176 पर फिसला, जबकि KOSPI 121 अंक टूटकर 3,906 पर ट्रेड करता रहा। Gift Nifty भी 117 अंक नीचे था, जिससे साफ था कि भारतीय बाजार पर गिरावट की आंधी आने वाली है। ट्रेडिंग शुरू होते ही कुल 1586 शेयर गिरावट में खुले, सिर्फ 830 शेयर ही बढ़त ले पाये और 131 फ्लैट रहे। हफ्ते के आखिरी दिन मार्केट में ऐसा तूफान दिखा कि ट्रेडर्स से लेकर आम निवेशक तक सकते में हैं। अब सबकी नजर सोमवार पर—क्या बाजार रिकवर करेगा या गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा?