शेयर बाजार में बुधवार सुबह कारोबार शुरू होते ही निवेशकों को बड़ा झटका लगा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स खुलने के कुछ ही मिनटों में 826 अंक तक टूटकर 72,872 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 200 अंक से ज्यादा गिर गया। खास बात यह है कि इसी दिन मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की लिस्टिंग को लेकर बाजार में चर्चा थी। ऐसे समय में आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
बुधवार को सेंसेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद स्तर 73,598 के मुकाबले गिरावट के साथ 73,253 पर खुला। इसके बाद बिकवाली बढ़ी और यह कुछ ही मिनटों में 826 अंक फिसलकर 72,872 तक पहुंच गया। निफ्टी की शुरुआत भी कमजोर रही। पिछले कारोबारी सत्र में 22,749 पर बंद हुआ यह सूचकांक 22,678 पर खुला और आगे गिरकर 22,540 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कमजोर वैश्विक संकेतों और कई बड़े शेयरों में बिकवाली को अहम वजह माना गया।
IT कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा मार
बुधवार की गिरावट में आईटी सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा दबाव में नजर आए। शुरुआती कारोबार में इंफोसिस के शेयर करीब 4.50 प्रतिशत तक गिर गए। टेक महिंद्रा में 3.50 प्रतिशत और टीसीएस में 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। एचसीएल टेक के शेयर भी करीब 2.50 प्रतिशत टूटे। इसके अलावा आईटीसी में 2.20 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व में 2 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक में 1.70 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली। दिग्गज कंपनियों में बिकवाली से बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ गया।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
शेयर बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। तेल महंगा होने से भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों में महंगाई बढ़ने की चिंता गहरा सकती है। इससे कंपनियों की लागत बढ़ने और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति में निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं और शेयरों में बिकवाली बढ़ सकती है। तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार की धारणा को कमजोर किया।
जियो IPO के बीच बाजार में हलचल
बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की लिस्टिंग को लेकर निवेशकों की नजरें बाजार पर थीं। इसी बीच सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेज गिरावट ने बाजार का माहौल बदल दिया। हालांकि, बाजार में गिरावट और आईपीओ की लिस्टिंग एक ही दिन होने से यह साबित नहीं होता कि दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध है। शेयर बाजार पर वैश्विक संकेतों, तेल की कीमतों और अलग-अलग कंपनियों के प्रदर्शन का भी असर पड़ता है। निवेशकों के लिए ऐसे समय में बाजार की चाल को समझना अहम हो जाता है।
निवेशकों की नजर आगे की चाल पर
बुधवार की शुरुआती गिरावट ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी। आईटी शेयरों में बिकवाली और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव बनाया। बाजार आगे किस दिशा में जाएगा, यह वैश्विक संकेतों, तेल की कीमतों और कंपनियों के प्रदर्शन समेत कई बातों पर निर्भर करेगा। ऐसे उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को केवल बाजार की एक दिन की चाल देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए। गिरावट के दौरान भी अलग-अलग शेयरों का प्रदर्शन अलग हो सकता है।