भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार सुबह भारी गिरावट देखने को मिली। ट्रेडिंग शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी बड़े गैप के साथ नीचे आ गए, जिससे निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और युद्ध जैसे हालातों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। ऑटो, बैंकिंग, मेटल और रियल्टी समेत कई सेक्टरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई।
बाजार खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
गुरुवार सुबह जैसे ही बाजार खुला, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 983 अंकों से ज्यादा टूटकर 75,800 के आसपास आ गया, जबकि निफ्टी भी 300 से अधिक अंक गिरकर 23,500 के करीब ट्रेड करता दिखाई दिया। लगातार दूसरे दिन आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली
आज के कारोबार में ज्यादातर सेक्टरों के शेयर दबाव में नजर आए। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, रियल्टी, मेटल, पीएसयू बैंक, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे, जिससे बाजार का माहौल पूरी तरह नकारात्मक बना रहा।
कुछ आईटी शेयरों ने दिखाई मजबूती
भारी गिरावट के बीच आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों ने बाजार को थोड़ा सहारा देने की कोशिश की। टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसे शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली। हालांकि बाकी बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट जारी रही, जिससे कुल मिलाकर बाजार लाल निशान में ही बना रहा।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेज उछाल आया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर हमलों की खबरों के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें तेजी से बढ़कर लगभग 99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
महंगाई और ब्याज दर बढ़ने का डर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो महंगाई में तेजी आ सकती है। महंगाई बढ़ने की स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला कर सकते हैं। इससे कर्ज महंगा हो सकता है और बाजार में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ सकती है, जिसका असर शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।