शेयर बाजार में मंगलवार को भी गिरावट का सिलसिला थमता नजर नहीं आया। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े नुकसान के साथ खुले। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 85,213 के मुकाबले सीधे 300 अंक से ज्यादा टूटकर 85,025 के स्तर पर खुला। शुरुआती 10 मिनट के भीतर ही बिकवाली और तेज हो गई और सेंसेक्स करीब 380 अंक गिरकर 84,833 तक फिसल गया। निवेशकों में घबराहट साफ दिखाई दी और बाजार में चारों तरफ रेड जोन छाया रहा।
निफ्टी का भी वही हाल, 120 अंक से ज्यादा टूटा
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी सेंसेक्स के साथ-साथ कमजोर शुरुआत करता दिखा। निफ्टी 26,027 के पिछले बंद के मुकाबले 25,951 पर खुला और कुछ ही देर में 120 अंक से ज्यादा टूटकर 25,912 के स्तर पर आ गया। बीएसई लार्जकैप में शामिल 30 में से 27 शेयर लाल निशान में खुले, जिससे यह साफ हो गया कि गिरावट सिर्फ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं है। बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।
एशियाई बाजारों में भी कोहराम जारी
सोमवार के बाद मंगलवार को भी एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स 700 अंक से ज्यादा गिरकर 49,355 पर आ गया। हांगकांग का हैंगसेंग करीब 2 फीसदी टूटकर 25,122 के आसपास कारोबार करता दिखा। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी 1.80 फीसदी फिसलकर 4,024 के स्तर पर पहुंच गया। गिफ्ट निफ्टी भी करीब 100 अंक नीचे कारोबार कर रहा था, जिसने भारतीय बाजार के लिए पहले ही निगेटिव संकेत दे दिए थे।
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अमेरिकी बाजार और बड़े शेयरों की गिरावट ने बढ़ाया दबाव
एशियाई बाजारों के साथ-साथ अमेरिकी शेयर बाजारों की कमजोरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कारोबारी दिन डाउ जोंस और एसएंडपी 500 दोनों लाल निशान में बंद हुए थे। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। मंगलवार को एक्सिस बैंक, इटरनल, इंफोसिस, बीईएल और टाटा स्टील जैसे बड़े शेयरों में 1 से 3 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। मिडकैप में ओला इलेक्ट्रिक, बीएचईएल और केपीआई टेक दबाव में रहे, जबकि स्मॉलकैप शेयरों में टारिल और स्टैलियन जैसे स्टॉक्स 5 फीसदी तक टूटे। कुल मिलाकर विदेशी संकेतों और भारी बिकवाली ने बाजार का मूड पूरी तरह बिगाड़ दिया है।