Stock market: अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतें सबसे अहम संकेतों में शामिल रहेंगी। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच तेल के दाम में उतार-चढ़ाव जारी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए कीमत बढ़ने पर महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है। बाजार के जानकारों की नजर अब तेल के अगले रुख पर रहेगी।
विदेशी निवेशकों का रुख अहम
विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। सितंबर में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों से करीब 20,974 करोड़ रुपये की निकासी की है। जुलाई और अगस्त में खरीदारी के बाद सितंबर में उनका रुख बदला है। आने वाले दिनों में अगर विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहती है, तो बाजार की चाल पर इसका असर देखा जा सकता है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर नजर
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी अगले हफ्ते बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत रहेगा। यील्ड में बदलाव का असर दुनिया भर के निवेश प्रवाह पर पड़ता है। अगर अमेरिकी बाजार में निवेशकों को ज्यादा रिटर्न आकर्षित करता है, तो उभरते बाजारों से पैसा बाहर जाने का दबाव बढ़ सकता है। इसलिए भारतीय निवेशक अमेरिकी बॉन्ड बाजार के संकेतों को भी ध्यान से देखेंगे।
वैश्विक तनाव से बढ़ सकती है हलचल
पश्चिम एशिया की स्थिति और अमेरिका से जुड़े नए प्रतिबंधों को लेकर भी बाजार में नजर बनी रहेगी। रूस और ईरान से जुड़े नए अमेरिकी कानून के बाद भारत के लिए तेल आयात और व्यापार से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण हो गए हैं। इस मामले में आगे आने वाली खबरें निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकती हैं।
एनएसई की लिस्टिंग भी रहेगी खास
अगले हफ्ते घरेलू बाजार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की लिस्टिंग भी एक बड़ा घटनाक्रम होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक एनएसई के करीब 22,569 करोड़ रुपये के आईपीओ को दूसरे दिन ही पूरा अभिदान मिल गया था। इसके अलावा भारत, अमेरिका और यूरोप के आर्थिक आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहेगी। पिछले हफ्ते सेंसेक्स में 486.8 अंक और निफ्टी में 51.7 अंक की गिरावट दर्ज हुई थी। ऐसे में नए हफ्ते में वैश्विक संकेतों के साथ घरेलू घटनाक्रम भी बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।