लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार को भी आफत बना रहा। अलग-अलग हादसों में 13 लोगों की मौत की सूचना है। कई जगह मकान और दीवारें ढह गईं, पेड़ उखड़ गए और जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में घंटों पानी गिरता रहा। शनिवार सुबह तक लखनऊ में पिछले 21 घंटे में 125.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा से निचले इलाकों में पानी भर गया और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं।
बांदा में शुक्रवार सुबह से शाम तक 146 मिलीमीटर पानी रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक रहा। बहराइच में 103.6 मिलीमीटर, बलरामपुर में 85, श्रावस्ती में 83.4, बस्ती में 77 और सिद्धार्थनगर में 76 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसलों पर भी असर पड़ा है। तेज हवाओं के साथ पेड़ और कमजोर ढांचे गिरने की घटनाएं सामने आईं।
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए 26 जिलों में शनिवार को कक्षा 12 तक के विद्यालय बंद रखे गए। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियां बढ़ा दी हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश दिए। निचले इलाकों तथा अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
रविवार को भी मौसम रहेगा सक्रिय
मौसम विभाग के मुताबिक रविवार 27 सितंबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका है। पश्चिमी हिस्से में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।