पश्चिम बंगाल के कोलकाता से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 25 जून की शाम दक्षिण कोलकाता लॉ कॉलेज परिसर में एक छात्रा के साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार की वारदात हुई. पुलिस ने इस गंभीर आरोप में एक पूर्व छात्र मनोजीत मिश्रा (31), और दो मौजूदा छात्रों जैब अहमद (19) और प्रमित मुखर्जी (20) को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश कर 1 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजा है.
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कोलकाता लॉ कॉलेज परिसर में हुई कथित गैंगरेप की घटना के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अलीपुर कोर्ट में पेश किया. प्रमुख आरोपी पूर्व छात्र मनोजीत मिश्रा (31), उसके साथ जैब अहमद (19) और प्रमित मुखर्जी (20) को पुलिस की 14 दिनों की रिमांड की मांग पर अदालत ने 2 जुलाई तक हिरासत में भेज दिया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ा दी है .
पीड़िता ने सुनाई आपबीती
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब आरोपियों ने यौन संबंध बनाने की कोशिश की तो उसने जोरदार विरोध किया. उसने कहा “मैंने मना किया और उन्हें कुछ भी करने नहीं दिया, उन्हें पीछे धकेला. मैं रोई और कहा—मुझे जाने दो. मैंने बताया कि मैं किसी के साथ रिलेशन में हूं और अपने बॉयफ्रेंड से प्यार करती हूं, लेकिन उन्होंने नहीं मानी।”
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि पीड़िता को घबराहट का दौरा पड़ा और सांस लेने में तकलीफ शुरू हो गई क्योंकि आरोपी उसकी बात बिल्कुल अनसुनी कर रहे थे. उसने उनसे अस्पताल ले जाने का अनुरोध भी किया, लेकिन उन्होंने उसकी मदद न करते हुए कॉलेज का मेन गेट बंद कर दिया. गार्ड असहाय था और कुछ नहीं कर पाया. जब पीड़िता ने भागने की कोशिश की, तो उसे जबरदस्ती गार्ड रूम में ले जाया गया. साथ ही घटना का अश्लील वीडियो बना लिया और धमकी दी कि अगर वह उनकी बात नहीं मानेगी, तो वो उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे. साथ ही यह भी कहा कि वो उसके दोस्त को मार डालेंगे और उसके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसा देंगे. उसने कहा कि जब मैंने भागने की कोशिश की, तो उन्होंने मुझे हॉकी स्टिक से पीटा. मुझे इंसाफ चाहिए!
घटना को लेकर सामने आईं तीखी प्रतिक्रियाएं
भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस घटना पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए लिखा कि 25 जून की रात कोलकाता के कसबा में लॉ कॉलेज परिसर में एक छात्रा के साथ सामूहिक हिंसा की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें एक पूर्व छात्र और दो मौजूदा छात्र शामिल हैं, जिसमें एक टीएमसी छात्र संगठन का भी सदस्य है.
मालवीय ने कहा, “आरजी कर हॉस्पिटल की भयावह घटना अभी तक भुलाई नहीं गई, फिर भी बंगाल में इस तरह के जघन्य अपराध रोजाना बढ़ रहे हैं. ममता बनर्जी के शासन में महिलाएं असुरक्षित होती जा रही हैं, बलात्कार एक आम त्रासदी बन गया है.” उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा पीड़िता और उसके परिवार के साथ पूरी तरह खड़ी है.