Magh Mela: प्रयागराज में चल रहे माघ मेले को लेकर जिले में भी गंगा की धारा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने की कवायद की जा रही है। प्रदूषण विभाग ने जिले में औद्योगिक इकाई और नगर पलिका परिषदों के एसटीपी से दूषित उत्प्रवाह नहीं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निगरानी के लिए टीम तक गठित की है।
चार जनवरी से शुरू हुआ माघ मेला
प्रदूषण अफसरों के अनुसार चार जनवरी से प्रयागराज में माघ मेला शुरू हो गया। प्रदेश सरकार ने गंगा जल को आचमन लायक बनाने को लेकर गंदे नालों को गंगा में गिरने से रोकने के लिए निर्देश जारी किए हैं। जिले की पांच तहसील क्षेत्रों में सात औद्योगिक इकाई गंगा या इसकी सहायक नदियों के कैचमैंट में संचालित हो रही हैं। इनमें अनूपशहर तहसील क्षेत्र में जहांगीराबाद स्थित उप्र कापरेटिव शुगर फैक्ट्रीज फेडरेशन लिमिटेड व इसकी डिस्टिलरी, खुर्जा तहसील क्षेत्र में साबितगढ़ स्थित त्रिवेणी शुगर मिल व इसकी डिस्टिलरी, सदर तहसील क्षेत्र में बुलंदशहर स्थित वेब शुगर मिल, स्याना तहसील क्षेत्र स्थित आनंदा डेयरी, डिबाई तहसील क्षेत्र स्थित क्वालिटी मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट शामिल हैं।
एसडीएम की अध्यक्षता में टीम गठित
इसके अलावा सात एसटीपी भी गंगा व इसकी सहायक नदियों के कैचमैंट में संचालित हैं। इनमें अनूपशहर में चार, नरौरा में दो और बुलंदशहर नगर में एक एसटीपी संचालित हैं। 15 फरवरी तक प्रयागराज में चलने वाले माघ मेले को जिला प्रशासन ने इन औद्योगिक इकाइयों सहित एसटीपी की निगरानी के लिए संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में टीम गठित की है।
गठित टीम रोस्टर के अनुसार निरीक्षण कर रहीं
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि माघ मेले के चलते औद्योगिक इकाइयों में उत्प्रवाह शुद्धिकरण सयंत्र (ईटीपी) चालू रखे जाए। दूषित उत्प्रवाह का ईटीपी से शोधन किया जाए। नगर पालिका परिषद के भी एसटीपी चालू रहे। सीवेज का एसटीपी से शोधन के बाद ही बाहर पानी छोड़ा जाए। डीएम के निर्देश पर गठित निगरानी टीम रोस्टर के अनुसार निरीक्षण कर रहीं हैं।