पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक समुद्री व्यापार पर साफ दिख रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में 90 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट आ गई है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने हालात को और गंभीर बना दिया है, जिससे यह अहम समुद्री मार्ग लगभग ठप पड़ गया है।
हमले, नुकसान और डर का माहौल
UK Maritime Trade Operations के अनुसार 1 मार्च से 27 अप्रैल के बीच 40 से ज्यादा घटनाएं सामने आई हैं। इनमें जहाजों पर हमले, नुकसान, उत्पीड़न और बाल-बाल बचने जैसी स्थितियां शामिल हैं। कम से कम 26 मामलों में व्यापारिक जहाजों पर सीधे हमले हुए हैं, जिससे समुद्र में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
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तेल सप्लाई पर पड़ा बड़ा असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से करीब 30 प्रतिशत कच्चा तेल और गैस सप्लाई होती है। पहले यहां से रोजाना लगभग 130 बड़े जहाज गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 10 से भी कम रह गई है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ रहा है और बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।
सैकड़ों जहाज फंसे, बढ़ा खतरा
मौजूदा हालात के कारण खाड़ी क्षेत्र में 850 से ज्यादा मालवाहक जहाज फंसे हुए हैं। सुरक्षा जोखिमों और संकरे रास्तों के चलते ये जहाज बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। इससे न सिर्फ व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन पर भी दबाव बढ़ रहा है। कुल मिलाकर, यह संकट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चिंता का कारण बन गया है।