करीब 40 दिनों की बंदी के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया गया है। ईरान के विदेश मंत्री द्वारा इस फैसले की घोषणा के बाद वैश्विक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। इस कदम को क्षेत्रीय तनाव में कमी और कूटनीतिक प्रयासों की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है। खासतौर पर अमेरिका और मध्य-पूर्व के समीकरणों में यह फैसला महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
ईरान का ऐलान और समुद्री रास्ता खुला
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब पूरी तरह से खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि अस्थायी युद्धविराम को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, जिससे सभी वाणिज्यिक जहाज सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजर सकेंगे।
40 दिन की बंदी के बाद राहत
ईरान ने 6 मार्च को इस जलमार्ग को ब्लॉक कर दिया था, जिसका असर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ा था। इस रास्ते के खुलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर कच्चे तेल की कीमतों पर इसका सकारात्मक असर देखा जा रहा है।
ट्रप की प्रतिक्रिया और कूटनीति
ईरान के इस फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए धन्यवाद कहा। यह बयान दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत और तनाव कम होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सीजफायर और अंतरराष्ट्रीय दबाव
इजरायल और लेबनान के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम के बाद क्षेत्रीय हालात में बदलाव आया है। साथ ही, कई देशों द्वारा ईरान पर होर्मुज खोलने का दबाव भी बढ़ रहा था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तावित बैठकों और कूटनीतिक प्रयासों ने इस फैसले को प्रभावित किया।
आगे क्या संकेत मिलते हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल एक अस्थायी राहत है, लेकिन इससे अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के रास्ते खुल सकते हैं। यदि सीजफायर कायम रहता है, तो क्षेत्र में स्थिरता और आर्थिक सुधार की दिशा में यह एक अहम शुरुआत साबित हो सकती है।