दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर बढ़ते आवारा कुत्तों के हमलों और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अब सभी आवारा कुत्तों को सड़क से पकड़कर शेल्टर होम्स में रखा जाएगा। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कोई व्यक्ति या संगठन प्रशासन को रोकने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई होगी, जिसमें जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि आवारा कुत्तों के हमलों से आम जनता की सुरक्षा खतरे में है। कई मामले ऐसे आए हैं, जहां राह चलते लोगों और सोसाइटी में रहने वालों पर कुत्तों ने हमला किया है। इसे देखते हुए अदालत ने प्रशासन को सभी इलाकों से कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित शेल्टर में भेजने का आदेश दिया है।
रोकने पर क्या होगी सजा
कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन प्रशासन की कार्रवाई में बाधा डालता है, तो इसे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा। अवमानना साबित होने पर अधिकतम 6 महीने की जेल, जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है। यह फैसला मामले की गंभीरता पर निर्भर करेगा।
हेल्पलाइन नंबर की तैयारी
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि कुत्तों के हमले या काटने की शिकायत दर्ज करने के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की जाए, ताकि पीड़ित तुरंत सहायता ले सकें। यह कदम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समय रहते मदद पहुंचाने के लिए उठाया गया है।