UP Board Exam: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह नकल-मुक्त, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें सबसे अहम फैसला परीक्षा केंद्रों पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है। यह कदम परीक्षा की गोपनीयता, सुरक्षा और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, जिसमें जेल तक की सजा का प्रावधान शामिल है।
आवश्यक सुरक्षा कर्मी को ही प्रवेश मिलेगा
परिषद ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों के अंदर या आसपास किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी, वीडियो रिकॉर्डिंग या मीडिया ब्रिफिंग की अनुमति नहीं होगी। केवल अधिकृत व्यक्ति जैसे केंद्र अधीक्षक, निरीक्षक, परीक्षा कर्मचारी और आवश्यक सुरक्षा कर्मी को ही प्रवेश मिलेगा। बाहरी व्यक्तियों, अभिभावकों, मीडिया प्रतिनिधियों या अन्य किसी को भी केंद्र परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह प्रतिबंध परीक्षा हॉल, स्ट्रॉन्ग रूम और पूरे केंद्र पर लागू रहेगा।
एक हफ्ते पहले जारी होंगे निरीक्षकों के परिचय पत्र
एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि निरीक्षकों (इन्विजिलेटर्स) के परिचय पत्र परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक सप्ताह पहले जारी किए जाएंगे। इन पर फोटो और अन्य विवरण होंगे, ताकि फर्जी निरीक्षकों की घुसपैठ रोकी जा सके। पिछले साल कई केंद्रों पर फर्जी इन्विजिलेटर पकड़े गए थे, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। केंद्र अधीक्षक को निर्देश हैं कि वे परिचय पत्र पर मौजूद फोटो से निरीक्षक की पहचान सत्यापित करेंगे, बिना मिलान के प्रवेश नहीं होगा।
केंद्रों पर वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य
इसके अलावा सभी केंद्रों पर वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य हैं, जिनकी रोजाना जांच होगी। यदि कोई कैमरा खराब मिला तो तुरंत सूचना देनी होगी, अन्यथा परीक्षा प्रभावित मानी जाएगी। छात्रों की तलाशी मुख्य गेट पर ही पूरी होगी, जूते-मोजे उतरवाने जैसी पुरानी प्रथा पर रोक लग गई है।