Delhi Blast: दिल्ली पुलिस ने नूंह, मेवात, फरीदाबाद में छापेमारी और जांच तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने बीती रात मेवात से तीन डॉक्टरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों का संबंध फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से है, जिसे पुलिस ने आत्मघाती हमले की स्लीपर सेल का संभावित अड्डा बताया है।
जांच की जा रही
बताया गया कि डॉक्टर मुस्तकीम ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से इंटर्नशिप की है। मुस्तकीम समेत तीनों संदिग्ध डॉक्टरों की नियमित बातचीत यूनिवर्सिटी के मुजम्मिल और डॉक्टर उमर मोहम्मद से होती थी। शुरुआती पूछताछ और छानबीन में पुलिस को उनके कुछ चैट भी मिले हैं। फिलहाल, यह जांच की जा रही है कि क्या इनका विस्फोटक खरीद में कोई संबंध था।
आठ छात्रों पर पुलिस की नजर
जांच अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने अब तक अल-फलाह यूनिवर्सिटी के 65 छात्रों से पूछताछ की है। इनमें से 8 छात्र विशेष रूप से पुलिस की रडार पर हैं। ये छात्र डॉक्टर उमर और उसके सहयोगियों के संपर्क में थे। अब पुलिस इन 8 छात्रों और उनके संपर्क में आए लोगों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है। इन छात्रों से दोबारा पूछताछ की योजना भी बनाई जा रही है।
स्लीपर सेल छिपा हो सकता है
पुलिस को आत्मघाती हमले की स्लीपर सेल छिपी होने का अंदेशा है। इसी कारण उमर की कार के रूट की बार-बार पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उमर इन स्थानों पर क्यों गया था। जांच अधिकारी के अनुसार, जम्मू एवं कश्मीर पुलिस 30 अक्टूबर से उमर की तलाश कर रही थी। वह श्रीनगर से भूमिगत होकर दिल्ली-एनसीआर में छिपा हुआ था। फरीदाबाद में पुलिस की छापेमारी के दौरान उमर का नाम सामने आया। इसके बाद उमर रविवार देर रात फरार हो गया और सोमवार को लाल किला के सामने बम विस्फोट किया।
नहीं मिला है ठोस सबूत
पुलिस का मानना है कि 30 अक्टूबर से 8 नवंबर तक उमर दिल्ली एनसीआर में छिपे स्लीपर सेल से मिलता रहा होगा। रविवार रात से सोमवार दोपहर तक वह संभावित सेल की तलाश में घूम रहा था। जब वह तुर्कमान गेट स्थित मस्जिद गया तो उसने नमाज़ भी नहीं पढ़ी, हालांकि किसी से मिलने का ठोस सबूत अभी नहीं मिला।
सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल जारी
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी दिल्ली-एनसीआर में 32 स्थानों पर बम विस्फोट करने की योजना बना रहे थे। इस वजह से अन्य स्लीपर सेल की मौजूदगी का शक है। पुलिस और एनआईए की टीम उमर द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी मार्गों और ठिकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बार-बार खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि ये स्लीपर सेल फिर से आत्मघाती हमला कर सकते हैं, इसलिए हर सुराग की सघन जांच की जा रही है।