लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब पर्यटन विकास की परियोजनाओं को केवल कागजी प्रस्तावों के आधार पर मंजूरी नहीं मिलेगी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निर्देश दिए हैं कि हर प्रस्ताव का स्थलीय सत्यापन, जनहित और व्यवहारिकता की जांच के बाद ही अंतिम स्वीकृति दी जाए। नई व्यवस्था की शुरुआत सोमवार को आगरा और अलीगढ़ मंडल की समीक्षा बैठक से की गई।
वर्चुअल बैठक में आगरा मंडल की 273 करोड़ रुपये लागत वाली 58 परियोजनाओं तथा अलीगढ़ मंडल की 500 करोड़ रुपये से अधिक की 19 परियोजनाओं की समीक्षा हुई। मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रस्ताव के साथ भूमि अभिलेख, नवीनतम फोटोग्राफ, लागत का यथार्थ आकलन और ऐतिहासिक अथवा धार्मिक महत्व के प्रमाण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किए जाएं।
उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही नवंबर तक लंबित परियोजनाएं पूरी करने तथा सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को प्रगति से नियमित रूप से अवगत कराने के निर्देश भी दिए।