Strictness against drugs increased: पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम अब नए चरण में पहुंच गई है, जहां सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं बल्कि दोषियों को सजा दिलाने पर भी खास जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत के नेतृत्व में ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत पुलिस और अन्य एजेंसियां कानूनी प्रक्रिया को मजबूत कर रही हैं, ताकि तस्करों को कड़ी सजा मिल सके।
सजा दर में लगातार बढ़ोतरी
पंजाब पुलिस ने NDPS Act के तहत मामलों में देश की सबसे ज्यादा सजा दर हासिल की है। 2022 में 4812 मामलों में से 3870 में सजा हुई, जबकि 2023 में 6976 में से 5635 मामलों में दोष सिद्ध हुआ। 2024 में यह दर 85% और 2025 में 88% तक पहुंच गई। 2026 में अब तक 89% मामलों में सजा मिल चुकी है, जो देश में सबसे अधिक है।
जांच प्रणाली में बड़े सुधार
अधिकारियों के अनुसार, यह सफलता पुलिसिंग के तरीके में बदलाव का परिणाम है। 60-पॉइंट चेकलिस्ट के साथ विस्तृत SOP लागू किया गया है और जांच अधिकारियों को बेहतर ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके साथ ही अदालतों में मामलों को प्रभावी ढंग से पेश करने के लिए विशेष ट्रायल अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है।
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ट्रेनिंग और संस्थागत सहयोग
पटियाला स्थित राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के साथ सहयोग के तहत जांच अधिकारियों को छह दिन की अनिवार्य ट्रेनिंग दी जा रही है। अब तक 400 से ज्यादा अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिससे जांच की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और केस मजबूत बने हैं।
समग्र रणनीति से मिल रही सफलता
पंजाब पुलिस अब कार्रवाई के साथ-साथ वित्तीय जांच, सामुदायिक सूचना और पुनर्वास जैसे पहलुओं पर भी काम कर रही है। इस समन्वित रणनीति से नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में मदद मिल रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर केस को कानूनी रूप से मजबूत बनाना ही लक्ष्य है, ताकि वह अदालत में टिक सके और दोषियों को सजा मिल सके।