केंद्र 41.826 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 142.865 डिग्री पूर्वी देशांतर पर, समुद्र के भीतर 50 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। उत्तर प्रशांत महासागर (नॉर्थ पैसिफिक ओशन) में रविवार शाम 6.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके जापान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में व्यापक रूप से महसूस किए गए। भूकंप भारतीय समयानुसार शाम 7:14 बजे आया। इसका केंद्र 41.826 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 142.865 डिग्री पूर्वी देशांतर पर, समुद्र के भीतर 50 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया।
चेतावनी जारी नहीं की गई
प्रारंभिक भूकंपीय आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का केंद्र जापान के समीप उत्तर प्रशांत महासागर में था। फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान या सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है। जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी जुटाई जा रही है।
5.9 तीव्रता का भूकंप आया
यह भूकंप ऐसे समय आया है जब जापान रविवार तड़के आए एक अन्य शक्तिशाली भूकंप के प्रभाव से अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है। रविवार सुबह इबाराकी प्रांत में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें कम से कम 37 लोग घायल हो गए थे। स्थानीय मीडिया के अनुसार, घायलों में टोक्यो, इबाराकी, कानागावा और आसपास के अन्य क्षेत्रों के लोग शामिल हैं।
परिचालन बहाल कर दिया गया
इबाराकी में आए भूकंप के कारण कई इलाकों में पानी की पाइपलाइन फट गईं, जिससे कुछ सड़कों पर अस्थायी जलभराव हो गया। कांतो क्षेत्र में कई ट्रेन सेवाएं भी कुछ समय के लिए बाधित रहीं, हालांकि बाद में धीरे-धीरे परिचालन बहाल कर दिया गया।
भूकंप की गहराई लगभग 70 किलोमीटर थी
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, रविवार तड़के आए भूकंप की गहराई लगभग 70 किलोमीटर थी और इबाराकी, साइटामा, चिबा तथा टोक्यो के अदाची वार्ड में जापान के सात स्तर वाले भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर लोअर-5 दर्ज किया गया। इस स्तर के भूकंप में अधिकांश लोग घबरा जाते हैं, सहारा लेने की कोशिश करते हैं और अलमारियों या शेल्फ पर रखा सामान नीचे गिर सकता है।
जापान के बड़े हिस्से में महसूस किए गए
टोक्यो और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले कई लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हाल के वर्षों में उन्होंने इतने तेज झटके पहली बार महसूस किए। भूकंप के झटके उत्तर-पूर्वी और मध्य जापान के बड़े हिस्से में महसूस किए गए।
जेएमए ने लोगों से अगले एक सप्ताह तक सतर्क रहने की अपील की है। एजेंसी का कहना है कि विशेष रूप से अगले दो से तीन दिनों के दौरान समान तीव्रता के झटके आने की संभावना बनी हुई है।