Damaging Three Air India Planes: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण एयर इंडिया के तीन A320 विमान क्षतिग्रस्त हो गए। घटना 7 जून की शाम टर्मिनल-2 के पास हुई, जब पार्किंग क्षेत्र में खड़े विमानों को उड़कर आए ग्राउंड उपकरणों और मलबे से नुकसान पहुंचा। घटना के बाद विमानन नियामक महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रभावित विमानों को फिलहाल सेवा से बाहर रखा गया है।
तेज हवाओं ने विमानों को पहुंचाया नुकसान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट परिसर में मौजूद दो ग्राउंड हैंडलिंग उपकरण तेज हवाओं के कारण अपनी निर्धारित जगह से खिसक गए और अलग-अलग विमानों से टकरा गए। इससे विमानों के बाहरी हिस्सों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा एक अन्य विमान को बाहरी मलबे के टकराने से क्षति हुई, जिससे उसकी खिड़की प्रभावित हुई। घटना के बाद सभी विमानों की तकनीकी जांच और मरम्मत की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
फिलहाल उड़ान संचालन से हटाए गए विमान
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तीनों विमानों को अस्थायी रूप से उड़ान संचालन से हटा दिया गया है। विशेषज्ञों द्वारा उनकी विस्तृत जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे दोबारा सेवा में लौटने के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। एयरलाइन और तकनीकी टीमों ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
मौसम संबंधी चेतावनी पर भी उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, घटना से पहले मौसम को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई थी। ऐसे में अचानक चली तेज हवाओं की तीव्रता और उसके प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या मौसम संबंधी जानकारी और अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के जरिए इस नुकसान को टाला जा सकता था।
एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
इस घटना ने खराब मौसम के दौरान ग्राउंड हैंडलिंग उपकरणों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यस्त हवाई अड्डों पर ऐसे उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए और अधिक सख्त प्रोटोकॉल की आवश्यकता हो सकती है। DGCA की जांच रिपोर्ट से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदमों का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।