Meerut News: पल्लवपुरम थाना क्षेत्र स्थित शोभित यूनिवर्सिटी में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बीसीए की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना से गुस्साए छात्रों ने दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर जाम लगाकर जमकर हंगामा किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
मृत घोषित कर दिया
जानकारी के अनुसार बिहार के छपरा जिले की रहने वाली 20 वर्षीय प्रिया बीसीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी और विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। सोमवार को उसका शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला। आनन-फानन में उसे एसडीएस ग्लोबल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिसर में अफरा-तफरी मच गई
घटना की सूचना मिलते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मृतका का भाई विशाल, जो उसी विश्वविद्यालय में अध्ययनरत है, बहन को अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बहन की मौत की खबर सुनकर उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं और छात्र-छात्राओं पर पढ़ाई को लेकर अत्यधिक दबाव बनाया जाता है। उनका कहना है कि प्रिया भी मानसिक तनाव में थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। इसी के विरोध में छात्रों ने हाईवे पर प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
जांच शुरू कर दी
सूचना पर पल्लवपुरम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने छात्रा के कमरे को सील कर दिया है और हर पहलू से जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि अन्य संभावित कारणों की भी गहन जांच की जा रही है।
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया
बताया जा रहा है कि प्रिया की दो बहनें भी उसी हॉस्टल में रहती हैं, लेकिन घटना के समय वे कमरे में मौजूद नहीं थीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। अब यह सवाल उठ रहा है कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह है, जिसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष
शोभित विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि छात्रा को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। विश्वविद्यालय जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। प्रशासन ने अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें और अफवाहों से बचें।