मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना कस्बे के डीएवी पीजी कॉलेज में छात्र उज्ज्वल राणा के आत्मदाह किए जाने के प्रकरण में आरोपी बनाए गए कॉलेज प्राचार्य प्रदीप कुमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल जिंदल ने कोर्ट में अंतरिम एवं अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र लगाया है। वादी के साथ कोर्ट में उपस्थित द्वारा अग्रिम जमानत का विरोध किया गया।इस मामले में सुनवाई के लिए 29 नवंबर की तारीख नियत की गई है।
छात्र उज्ज्वल राणा आत्मदाह प्रकरण में आरोपी डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रदीप कुमार की ओर से गुरुवार 13 नवंबर को अग्रिम और अंतरिम जमानत अर्जी दी गई थी जिस पर आज 14 नवंबर को शुक्रवार को हुई। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने वाली वादी। मृतक छात्र की बहन सलोनी राणा भी अपने परिजनों के साथ अधिवक्ता को लेकर कोर्ट में उपस्थित रही। अग्रिम और अंतरिम जमानत का विरोध करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कुमारपाल सैनी और अनूप सिंह राठी आदि ने कोर्ट को अवगत कराया कि इस मामले में दर्ज अयोग में बाद में आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य धाराओं का इजाफा किया गया है जो सेशन ट्रायल की हैं। इस पर कोर्ट द्वारा विवेचना अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली गई है। अब इस मामले में सुनवाई के लिए 29 नवंबर की तारीख नियत की गई है।
पुलिस की विवेचना में लापरवाही व राजनीतिक दबाव को लेकर 16 नवंबर को आ सकता है आक्रोश नजर छात्र उज्ज्वल राणा आत्मदाह प्रकरण में विवेचना में धीमी कार्रवाई और इस मामले में लापरवाही तथा राजनीतिक दबाव के कथित आरोपों को लेकर की लापरवाही को लेकर 16 नवंबर को प्रस्तावित शोक सभा में आक्रोश नजर आ सकता है। इसकी चर्चा कोर्ट।परिसर में भी आज शुक्रवार को मृतक छात्र के परिजन करते हुए नजर आए।
बता दें कि डीएवी डिग्री कॉलेज बुढ़ाना के बीए के छात्र उज्ज्वल राणा ने प्राचार्य से फीस विवाद के कारण उत्पीड़न से आहत होकर 8 नवंबर को खुद को आग लगा ली थी। 9 नवंबर को उसकी दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसमें उसकी बहन सलोनी राणा ने मुकदमा दर्ज कराया, पुलिस ने एक आरोपी पीटीआई संजीव कुमार को गिरफ्तार जेल भेजने के साथ ही उत्पीड़न में सहयोग करने के आरोपी तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया हे। मुख्य आरोपियों में प्राचार्य प्रदीप कुमार और प्रबंधक अरिवंद गर्ग की गिरफ्तारी न होने से रोष है। आरोप लग रहा है कि राजनीतिक दिग्गजों के दबाव के चलते पुलिस की विवेचना शिथिल हो गई है। इस मामले में 16 नवंबर को छात्र की शोक सभा में विपक्षी दल के नेता निशाना साध सकते हैं।