उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने के लिए संचालित 'प्रोजेक्ट प्रवीण' का दायरा अब और बढ़ाया जाएगा। राजकीय और सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों के बाद अगले चरण में निजी माध्यमिक विद्यालयों को भी इस योजना से जोड़ने की तैयारी है, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं व्यावहारिक कौशल हासिल कर सकें।
18 अटल आवासीय विद्यालय शामिल
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से वर्तमान में प्रदेश के 1700 से अधिक माध्यमिक विद्यालयों में ढाई लाख से अधिक विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें 1010 राजकीय माध्यमिक विद्यालय, 677 सहायता प्राप्त विद्यालय और 18 अटल आवासीय विद्यालय शामिल हैं।
पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जा रहा
इस शैक्षिक सत्र में विद्यार्थियों को 12 सेक्टर स्किल काउंसिल के अंतर्गत 31 रोजगारोन्मुखी कौशल पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवाएं, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि, परिधान, सौंदर्य एवं वेलनेस, ग्रीन जॉब्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के पाठ्यक्रम शामिल हैं। प्रशिक्षण स्कूल परिसर में नियमित पढ़ाई के साथ कराया जाता है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
रोजगार क्षमता बढ़ाना और स्वरोजगार
वर्ष 2022-23 में पायलट परियोजना के रूप में शुरू हुए प्रोजेक्ट प्रवीण का विस्तार लगातार किया गया है। सरकार का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर ही विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल उपलब्ध कराना, रोजगार क्षमता बढ़ाना और स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। निजी विद्यालयों को जोड़ने के बाद इस योजना का लाभ लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में और बड़ी बढ़ोतरी होने की संभावना है।