
महानिदेशक शिविर कार्यालय, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) खान मंत्रालय, भारत सरकार के तहत गुरूवार को स्कोप कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में राजभाषा सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पंजीकरण के उपरांत प्रातः10 बजे के आसपास हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़, कुलपति, भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली ने की। सम्मेलन का औपचारिक आरंभ मनीष खर, उप महानिदेशक, महानिदेशक शिविर कार्यालय, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के स्वागत संबोधन से हुआ। इस अवसर पर प्रो. रामेश्वर राय, वरिष्ठ लेखक एवं आलोचक, अनंत विजय, लेखक एवं एसोसिएट संपादक, दैनिक जागरण तथा डॉ.प्रमोद कुमार सिंह, उप महानिदेशक एवं राजभाषा अधिकारी, जीएसआई मुख्यालय, कोलकाता ने भी अपने विचार रखे।
प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए
पहले सत्र में “भारत में हिंदी का विकासशील बाजार” विषय पर प्रो. सुधीश पचौरी (वरिष्ठ आलोचक एवं मीडिया विश्लेषक), प्रो. सुधा सिंह (विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. अंजुम शर्मा (लेखक एवं पत्रकार) और नवीन चौधरी (लेखक एवं मार्केटिंग विशेषज्ञ) ने हिंदी की बढ़ती संभावनाओं और सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में इसकी प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।
सहयोगी कार्यालयों का आभार व्यक्त किया
दोपहर बाद दूसरे सत्र में “मीडिया, सिनेमा और हिंदी” विषय पर चर्चा हुई, जिसमें अशोक श्रीवास्तव (प्राइम टाइम एंकर, डीडी न्यूज़), सुशांत मोहन (मुख्य व्यवसाय अधिकारी एवं समूह संपादक, न्यूज़ 24), राहुल डबास (वरिष्ठ संवाददाता, न्यूज़ नेशन) और रंजना सिंह राठौड़ (पत्रकार एवं एंकर, न्यूज़ नेशन) ने मीडिया जगत में हिंदी की सशक्त भूमिका और इसके बढ़ते प्रभाव पर अपने विचार व्यक्त किए। सम्मेलन का विशेष आकर्षण प्रसिद्ध रेडियो जॉकी राहुल माकिन (फीवर 104 एफएम) की संगीतमय प्रस्तुति रही। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन गरिमा शर्मा, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने किया. समापन सत्र में डॉ. मुकेश वर्मा, निदेशक एवं राजभाषा अधिकारी, महानिदेशक शिविर कार्यालय, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, सभी वक्ताओं, विशिष्ट अतिथियों, सहभागी प्रतिनिधियों, आयोजन समिति और सभी सहयोगी कार्यालयों का हृदय से आभार व्यक्त किया तथा यह विश्वास प्रकट किया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों से हिंदी भाषा को और अधिक सशक्त पहचान मिलती रहेगी।