Sudhakar Singh Defamation Case : बिहार में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कुंदन कृष्णन और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह के बीच विवाद कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। कुंदन कृष्णन की ओर से सांसद को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा गया है। इसमें 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है। ऐसा नहीं करने पर 5 करोड़ रुपये के हर्जाने का सिविल मुकदमा और आपराधिक मानहानि की कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गई है। विवाद भारत भूषण तिवारी की मौत और जमुई की एक घटना को लेकर दिए गए बयानों से जुड़ा है।
15 दिन में माफी मांगने की मांग
कुंदन कृष्णन की ओर से उनके अधिवक्ता अपूर्व हर्ष ने कानूनी नोटिस जारी किया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि सांसद सुधाकर सिंह के बयानों से आईपीएस अधिकारी की छवि और पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। नोटिस भेजने वाले पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में माफी नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
भारत भूषण तिवारी की मौत पर विवाद
नोटिस के मुताबिक, 17 जून 2026 को भोजपुर जिले के बिलौती गांव में पुलिस ऑपरेशन के दौरान भारत भूषण तिवारी की मौत हुई थी। इसके बाद 24 जून को सुधाकर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। नोटिस में दावा किया गया है कि सांसद ने कुंदन कृष्णन की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए। बिहार सरकार ने 20 जून 2026 को मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग गठित किया था।
जमुई की घटना का भी जिक्र
कानूनी नोटिस में 22 सितंबर 2026 को एक निजी न्यूज पोर्टल को दिए गए सुधाकर सिंह के इंटरव्यू का भी उल्लेख है। नोटिस के अनुसार, जमुई में एक किशोरी और उसके दोस्त के साथ कथित छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार की घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अधिकारी के खिलाफ आरोप लगाए गए थे। नोटिस भेजने वाले पक्ष का दावा है कि मामले में मुख्य आरोपी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इन आरोपों और घटनाओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बना हुआ है।
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सुधाकर सिंह बोले- कानूनी जवाब दूंगा
नोटिस मिलने की जानकारी सांसद सुधाकर सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने कहा कि वह माफी नहीं मांगेंगे और अपने बयान पर कायम हैं। सांसद के मुताबिक, उन्होंने भारत भूषण तिवारी की मौत और जमुई की घटना पर जनहित में सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि तिवारी की मौत के मामले में पुलिस कमान, पुलिस मुख्यालय और निर्णय लेने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस का जवाब कानूनी तरीके से देंगे।
₹5 करोड़ के हर्जाने की चेतावनी
नोटिस में सुधाकर सिंह से कथित तौर पर जमीन माफिया, शराब माफिया और फर्जी एनकाउंटर जैसे मामलों में संरक्षण देने के आरोप लगाने से बचने को कहा गया है। इसमें कुंदन कृष्णन पर पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोप दोहराने पर भी आपत्ति जताई गई है। नोटिस के मुताबिक, 15 दिनों में बिना शर्त सार्वजनिक माफी नहीं मिलने पर 5 करोड़ रुपये के हर्जाने का सिविल मुकदमा और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 के तहत आपराधिक मानहानि की कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गई है। फिलहाल यह विवाद कानूनी नोटिस और सांसद के जवाब तक सीमित है; आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।