Sugar Prices : रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में बढ़ती कीमतें आम लोगों का बजट बिगाड़ सकती हैं। इसी को देखते हुए सरकार और चीनी उद्योग बाजार में अतिरिक्त चीनी उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
बाजार में आएगी 2.5 लाख टन अतिरिक्त चीनी
जानकारी के अनुसार, करीब 2.5 लाख टन रिफाइंड चीनी घरेलू बाजार में उतारी जा सकती है। उम्मीद है कि अतिरिक्त आपूर्ति बढ़ने से बाजार में उपलब्धता बेहतर होगी और कीमतों पर दबाव कम पड़ेगा। इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिल सकता है।
क्या होती है रिफाइंड चीनी?
रिफाइंड चीनी वही सफेद और चमकदार चीनी होती है, जो आमतौर पर घरों में इस्तेमाल की जाती है। इसे कच्ची चीनी या गन्ने से प्राप्त शुगर को कई चरणों में साफ करके तैयार किया जाता है। रिफाइनिंग प्रक्रिया के दौरान अशुद्धियों को हटाया जाता है, जिससे चीनी अधिक सफेद और शुद्ध दिखाई देती है।
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कैसे तैयार की जाती है?
रिफाइंड चीनी बनाने वाली इकाइयां अक्सर बंदरगाहों के आसपास स्थित होती हैं। यहां कच्ची चीनी या अन्य आवश्यक सामग्री लाई जाती है और फिर उसे प्रसंस्करण के बाद खाने योग्य सफेद चीनी में बदला जाता है। इसके बाद इसे देशभर के बाजारों में भेजा जाता है।
थोक बाजार में घटे हैं दाम
हाल के दिनों में थोक बाजार में चीनी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। कुछ समय पहले जो चीनी मिलों से 67 से 70 रुपये प्रति किलो के आसपास मिल रही थी, उसका भाव घटकर लगभग 45 से 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। यह कमी थोक कारोबार में साफ दिखाई दे रही है।
खुदरा बाजार में कब मिलेगी राहत?
हालांकि थोक कीमतें कम हुई हैं, लेकिन खुदरा बाजार में इसका पूरा असर अभी नहीं दिखा है। फिलहाल कई जगहों पर चीनी 60 से 65 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अतिरिक्त सप्लाई बढ़ने और थोक कीमतों में कमी का असर खुदरा बाजार पर भी दिखाई दे सकता है, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।