Kanpur IIT Campus: कानपुर आईआईटी कैंपस में छात्रों के सुसाइड का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बीटेक छात्र की आत्महत्या के तरीके ने सभी को हैरान कर दिया। यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले दो साल में आठ छात्रों ने सुसाइड किया है। आईआईटी प्रबंधन व प्रोफेसर्स कैंपस में बेहतर माहौल होने का दावा करते हैं। लेकिन सुसाइड के आंकड़े दावों की सच्चाई बताते हैं।
तीन छात्रों ने आत्महत्या की
साल 2025 में आईआईटी कानपुर कैंपस के अंदर अब तक तीन छात्रों व एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने सुसाइड किया था। दिसंबर 2023 से जनवरी 2024 तक तीन छात्रों ने आत्महत्या की थी। इन आत्महत्याओं के पीछे अन्य छात्र दबी जुबान में पढ़ाई का तनाव बताते हैं। बीटेक छात्र जय सिंह मीना एक औसत छात्र था। जय की चार साल में पूरी होने वाली डिग्री पांच सालों में पूरी हुई।
एवरेज स्टूडेंट्स का स्माल परसेंटेज है
छात्रों ने कहा कि इस देरी के चलते ही जय कुछ दिनों पहले आईआईटी कैंपस में हुए प्लेसमेंट में शामिल न हो सका। आईआईटी के काउंसलर्स ने भी यह बात बताई है। काउंसलर्स का कहना है कि एवरेज स्टूडेंट्स का स्माल परसेंटेज है, वो कहीं न कहीं पढ़ाई के अतिरिक्त दबाव में आकर ही सुसाइड करने की ओर अपने कदम बढ़ा देते हैं।
छात्र अपनी बात बताएं, तभी तो हम कर पाएंगे समाधान
आईआईटी कानपुर में 20 सालों से अधिक समय से बतौर साइकेट्रिस्ट अपनी सेवाएं दे रहे डॉ. अलोक वाजपेई ने बताया, छात्रों के अंदर एक बड़ी कमी है, वो अपनी समस्याएं साझा नहीं करते। ज्यादातर छात्रों की परेशानियों में पढ़ाई ही शामिल होती है। आईआईटी कानपुर में पढ़ाई का स्टैंडर्ड बहुत हाई है। अब जो स्टूडेंट एवरेज हैं, उन्हें प्रॉब्लम होगी। इस बात से भी इंकार नहीं कर सकते। पर ये पांच से 10 प्रतिशत छात्र ही होंगे। इसी तरह 100 में से 10 प्रतिशत छात्रों को मानसिक परेशानियां रहती हैं।
आईआईटी कानपुर कैंपस में सुसाइड की प्रमुख घटनाएं
19 दिसंबर 2023- शोध सहायक स्टाफ डॉ. पल्लवी चिल्का की मौत
10 जनवरी 2024- एमटेक छात्र विकास मीना की मौत
18 जनवरी 2024- शोध छात्रा प्रियंका जायसवाल की मौत
10 अक्टूबर 2024- शोध छात्रा प्रगति की मौत
10 फ़रवरी 2025- शोध छात्र अंकित यादव की मौत
25 अगस्त 2025: सॉफ्टवेयर डेवलपर दीपक चौधरी की मौत
1 अक्टूबर 2025: बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र धीरज सैनी की मौत
29 दिसंबर 2025: बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र जय सिंह मीना की मौत
काउंसिलिंग सेल की सुविधा दी जाती
प्रो. मणींद्र अग्रवाल, निदेशक ने बताया कि संस्थान में एवरेज और बिलो एवरेज स्टूडेंट्स के साथ हम बहुत अधिक मेहनत करते हैं। उन्हें जहां काउंसिलिंग सेल की सुविधा दी जाती है। वहीं प्रोफेसर्स का पूरा सपोर्ट रहता है। इसके साथ ही अब छात्रों को सप्लिमेंट पेपर का भी विकल्प दिया जाने लगा है। जिसमें उन्हें बताया जाता है, अगर वो पूरक परीक्षा पास कर लेंगे तो उन्हें पास माना जाएगा।